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Niyojanalaya career counseling: सीतामढ़ी जिला नियोजनालय ‘पढ़ेगा सीतामढ़ी, बढ़ेगा सीतामढ़ी’ अभियान के तहत करियर काउंसलिंग, निशुल्क कौशल प्रशिक्षण और रोजगार मेले आयोजित कर छात्रों को मार्गदर्शन दे रहा है. जिला कॉर्डिनेटर अमन कुमार के अनुसार, नियोजनालय का उद्देश्य छात्रों को सही समय पर सही दिशा देना है, ताकि वे बिना भटके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें.
सीतामढ़ी. मैट्रिक परीक्षा के बाद अधिकतर छात्र अपने भविष्य को लेकर असमंजस में रहते हैं कि आगे कौन सा विषय चुनें और किस दिशा में करियर बनाएं. ऐसे में सीतामढ़ी जिला नियोजनालय युवाओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है. ‘पढ़ेगा सीतामढ़ी, बढ़ेगा सीतामढ़ी’ अभियान के तहत यहां न केवल रोजगार से जुड़ी जानकारी दी जा रही है, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा करियर काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है. जिला कॉर्डिनेटर अमन कुमार के अनुसार, नियोजनालय का उद्देश्य छात्रों को सही समय पर सही दिशा देना है, ताकि वे बिना भटके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें.
नियोजनालय के अमन कुमार ने बताया कि करियर काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं. समय-समय पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जिला पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी और अन्य अनुभवी लोग छात्रों को मार्गदर्शन देते हैं. इसके अलावा स्कूलों में जाकर भी करियर काउंसलिंग कार्यक्रम चलाने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक छात्रों तक सही जानकारी पहुंच सके. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को भी अपने भविष्य के बारे में स्पष्ट दिशा मिल पाएगी.
ब्लॉक स्तर पर कैंप और रोजगार मेले का आयोजन
हाल ही में रुन्नीसैदपुर, पुपरी और रीगा प्रखंड में एकदिवसीय कैंप और रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से पुपरी और रीगा में लगभग 100 के आसपास युवाओं ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की. जो छात्र आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आगे पढ़ाई जारी नहीं रख सकते, उन्हें कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.
निशुल्क स्किल ट्रेनिंग और विषय चयन में मदद
जिला नियोजनालय द्वारा कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) और प्रथम एजुकेशन के माध्यम से निशुल्क प्रशिक्षण और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. 18 साल से अधिक उम्र के ऐसे युवाओं को, जिनके पास कोई विशेष कौशल नहीं है, तीन महीने की मुफ्त आवासीय ट्रेनिंग की जानकारी दी जाती है, जिसके बाद नौकरी की भी व्यवस्था की जाती है. वहीं मैट्रिक पास छात्रों के लिए हर बुधवार को एक विशेष टेस्ट आयोजित किया जाता है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि उन्हें इंटर में कौन सा विषय चुनना चाहिए. इस पहल से छात्रों को सही दिशा मिल रही है और उनका भविष्य अधिक सुरक्षित बन रहा है.
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