आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दो दिवसीय एंटी-टेरर कॉन्फ्रेंस 26 दिसंबर से नई दिल्ली में हो रही है। इसमें अभियोजन आधारित आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, जांच से जुड़े कानूनी ढांचे में बदलाव और नई चुनौतियों पर चर्चा होगी।
कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसमें जम्मू-कश्मीर पर विशेष फोकस रहेगा। सूत्रों के अनुसार आतंकवाद, आतंकी फंडिंग, साइबर नेटवर्क और सीमा पार साजिशों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों, अनुभवों और रणनीतियों पर मंथन होगा। सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी, एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी स्तर के अधिकारी और अन्य पुलिस अफसरों के शामिल होने की संभावना है।
आतंकवाद से जुड़े मामलों में अभियोजन की भूमिका को मजबूत करने, जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग और उभरती तकनीकों के इस्तेमाल पर विचार किया जाएगा। देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी पर विमर्श होगा।
सम्मेलन में देशभर से 39 राज्य पुलिस प्रमुखों, केंद्रीय पुलिस संगठनों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों सहित करीब 150 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यहां आतंकवाद से जुड़े मामलों में जांच, अभियोजन और एजेंसियों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने पर ठोस रणनीति तय होने की उम्मीद है।
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