ग्रीन एप्पल बेर, बाल सुंदरी और मिस इंडिया किस्म शानदार
एक्सपर्ट हेमलाल पटेल ने बताया कि सरायपाली स्थित उनकी ग्रीन लाइफ नर्सरी में बेर की तीन उन्नत और ग्राफ्टेड किस्में उपलब्ध हैं, जो व्यावसायिक खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं. इनमें ग्रीन एप्पल बेर, बाल सुंदरी और मिस इंडिया किस्म शामिल हैं. ये तीनों किस्में स्वाद, उत्पादन और बाजार मांग के लिहाज से किसानों को बेहतर लाभ देने वाली हैं.
बेहतरीन स्वाद औऱ बंपर मुनाफा
इनमें सबसे खास बाल सुंदरी किस्म मानी जा रही है. इस किस्म का फल देखने में बेहद आकर्षक होता है. ऊपर से लाल और नीचे से हरे रंग का यह बेर सेब के रंग जैसा दिखाई देता है. इसका आकार थोड़ा लंबा होता है और स्वाद के मामले में भी यह बेहद बेहतरीन माना जाता है. बाजार में इसकी डिमांड ज्यादा रहती है, जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है.
वहीं मिस इंडिया किस्म का फल आकार में छोटा होता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत अधिक मात्रा में फल देती है. स्वाद में यह भी काफी टेस्टी होती है और दिखने में सुंदर होने के कारण बाजार में आसानी से बिक जाती है. अधिक उत्पादन के कारण यह किस्म किसानों के लिए नियमित आमदनी का जरिया बन सकती है.
इसके अलावा ग्रीन एप्पल बेर का आकार लगभग 50 से 70 ग्राम तक होता है. यह किस्म भी स्वाद में काफी अच्छी होती है और इसे किसी भी प्रकार की भूमि में आसानी से लगाया जा सकता है. एक्सपर्ट हेमलाल पटेल के अनुसार, बेर का पौधा ज्यादा मेंटेनेंस वाला नहीं होता, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से अपना सकते हैं. उन्होंने बताया कि ये तीनों किस्में ग्राफ्टेड पौधे हैं, इसलिए शुरुआती समय में विशेष सावधानी जरूरी होती है. ग्राफ्ट के नीचे यदि कोई जंगली या देसी पौधा उगता है तो उसे तुरंत काट देना चाहिए, क्योंकि ऐसा न करने पर वह मुख्य पौधे को कमजोर कर देता है. इससे न केवल पौधे की बढ़वार रुक जाती है, बल्कि फल आने पर देसी बेर जैसा फल लगने लगता है.
बेर के पौधे लगाने के लिए डेढ़ से दो फीट गहरा गड्ढा करना चाहिए. गड्ढे में गोबर खाद और वर्मीकम्पोस्ट मिलाने से उत्पादन बेहतर होता है. कम खर्च और कम देखरेख में यह पौधा तैयार हो जाता है. आमतौर पर दो से तीन साल में पौधों से अच्छा उत्पादन शुरू हो जाता है. तीन साल के बाद तने की कटाई करने से और ज्यादा फल आने लगते हैं. ग्रीन लाइफ नर्सरी में इन उन्नत किस्मों के बेर के पौधों की कीमत महज 150 से 200 रुपये रखी गई है. ऐसे में किसान कम निवेश में इस खेती को शुरू कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
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