Godda News: गोड्डा जिले का प्रसिद्ध योगिनी स्थान मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यह श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है. खासकर नए साल के पहले दिन, यानी 1 जनवरी को, इस मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है
योगिनी स्थान मंदिर गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड अंतर्गत पहाड़ों, पर्वतों और घने जंगलों के बीच स्थित है. प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह स्थल श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि प्रकृति के बेहद करीब होने का अनुभव भी कराता है. मंदिर तक पहुंचने के दौरान हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और जंगलों का मनमोहक दृश्य भक्तों को आकर्षित करता है. दर्शन के बाद श्रद्धालु आसपास के जंगलों और खुले मैदानों में वन भोज का भी आनंद लेते हैं. जिससे यह स्थान धार्मिक स्थल के साथ-साथ पिकनिक स्पॉट के रूप में भी प्रसिद्ध हो गया है.
मां योगिनी मंदिर में दूर-दूर से आते है श्रद्धालु
मां योगिनी मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। विशेष रूप से हर सप्ताह शनिवार और मंगलवार को पूजा के लिए यहां भारी भीड़ उमड़ती है. इन दिनों दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में भक्तजन नारियल, फूल और प्रसाद चढ़ाकर मां योगिनी से परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. योगिनी स्थान मंदिर गोड्डा जिले की धार्मिक पहचान का प्रतीक है. नए साल के अवसर पर यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है. भजन-कीर्तन, जयकारों और पूजा-अर्चना से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है. प्रशासन और स्थानीय समिति की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.