न्यू चंडीगढ़ में इको सिटी तीन स्थापित करने के लिए गमाडा ने तैयारी शुरू कर दी है। अब जमीन मालिकों को प्रति एकड़ जमीन के मुआवजे के रूप में 4.27 करोड़ से 6.46 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह रकम गमाडा द्वारा जमीन एक्वायर होने पर उन्हें दी जाएगी।
इस दौरान 9 गांवों में करीब 1700 एकड़ जमीन इस दौरान एक्वायर की जाएगी। यहां पर हाउसिंग, कमर्शियल व इंस्टीट्यूशनल साइट स्थापित की जाएगी। जमीन मालिकों को गमाडा द्वारा केवल नकद भुगतान नहीं किया जाएगा, बल्कि लैंड पूलिंग का ऑप्शन भी दिया जाएगा।
साल 2016 से चल रही है प्लानिंग
इको-सिटी 3 का प्रस्ताव 2016 में रखा गया था, लेकिन जुलाई 2020 में फंड की कमी और कमजोर प्रतिक्रिया के कारण अधिग्रहण प्रक्रिया रोकनी पड़ी थी। बाद में इसे अगस्त 2022 में फिर से शुरू किया गया। जिनमें गमाडा की तरफ से जिन गांवों की जमीन एक्वायर की जाएगी,
इस दौरान होशियारपुर, रसूलपुर, तकीपुर, ढोड़े माजरा, माजरा, सलामतपुर, कंसाला, राजगढ़ और करतारपुर शामिल हैं। इन गांवों में जमीन एक्वायर करने के बदले गमाडा द्वारा कुल 3,690 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा।
अवार्ड घोषित करने के लिए जारी किया पत्र।
लैंड पूलिंग आप्शन भी रहेगा मालिकों के पास
गमाडा की तरफ से जमीन एक्वायर लैंड पूलिंग पॉलिसी 2021 के तहत की जाएगी। इसके तहत किसान और भूमि मालिक नकद मुआवजे के बजाय विकसित प्लॉट लेने का विकल्प चुन सकते हैं। प्रति एकड़ भूमि के बदले 1,000 वर्ग गज विकसित रिहायशी प्लॉट और 200 वर्ग गज विकसित व्यावसायिक प्लॉट (पार्किंग को छोड़कर) मिलेंगे।
इसके अलावा, 21 नवंबर 2025 को जारी नई भूमि पूलिंग योजना के तहत, पूलिंग चुनने वाले भूमि मालिकों को प्रति एकड़ 1,600 वर्ग गज विकसित आवासीय प्लॉट भी मिल सकता है।

अगले साल से शुरू होगा काम
मुआवजे के ऐलान के साथ एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इस भूमि की खरीद-बिक्री या रजिस्ट्रेशन निजी नाम पर नहीं किया जा सकेगा। GMADA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अधिकांश भूमि मालिक नकद के बजाय भूमि पूलिंग योजना चुनने की संभावना है। उन्हें आवेदन करने के लिए समय दिया जाएगा।
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