नीमच में भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बुधवार को जिले भर के श्रमिकों और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। देशव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के बाद संगठन ने तहसीलदार को सीएम और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। पुरी अधिवेशन के प्रस्तावों पर देशव्यापी आंदोलन मजदूर नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन ओडिशा के पुरी में 6 से 8 फरवरी 2026 को हुए 21वें अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आधार पर किया जा रहा है। प्रदर्शन में बिजली विभाग के कर्मचारी, आशा-ऊषा कार्यकर्ता, पेंशनर संघ और विभिन्न मजदूर संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पेंशन और वेतन सीमा बढ़ाने की मांग ज्ञापन में प्रमुख रूप से EPS-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 1000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए प्रति माह करने की मांग की गई है। इसके अलावा, संगठन ने मांग रखी है कि EPF अंशदान के लिए वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार की जाए। ESIC कवरेज की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये की जाए। वर्ष 2020 के लेबर कोड की कमियों को दूर कर श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाए। रोजगार और स्थायीकरण की मांग प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि सरकारी भर्तियों पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और युवाओं को गारंटीड रोजगार दिया जाए। साथ ही, स्कीम वर्कर्स (जैसे आशा-ऊषा कार्यकर्ता) और ठेका श्रमिकों को स्थायी करने की वकालत की गई है। मजदूर संघ ने कहा कि यदि इन 8 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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