पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की न्यायाधीश अलका शरीन ने शुक्रवार को नारनौंद उपमंडल परिसर के तहसील भवन में संचालित अस्थायी कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक और एसीजेएम अनुराधा भी मौजूद थीं। नारनौंद के एसडीजेएम पीयूष गखड़, एसडीएम विकास यादव और डीएसपी देवेंद्र नैन सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। न्यायाधीश अलका शरीन ने नए बनाए गए कोर्ट कक्ष का अवलोकन किया और कोर्ट परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद उन्होंने बार रूम में अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। न्यायाधीश ने आश्वासन दिया कि नारनौंद कोर्ट में जल्द ही एक अतिरिक्त जज की नियुक्ति की जाएगी, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके और न्याय मिलने में देरी न हो। उन्होंने बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। अस्थायी चैंबर में बैठने, बिजली-पानी की व्यवस्था करने के निर्देश न्यायाधीश शरीन ने वकीलों के अस्थायी चैंबरों और बैठने की सीटों पर बिजली व पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वकीलों के बैठने के लिए लगाए गए बड़े शेड को और आगे बढ़ाया जाए, ताकि सभी वकीलों को पर्याप्त जगह मिल सके। कार्यक्रम के अंत में पुलिस जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बार एसोसिएशन नारनौंद के प्रधान एडवोकेट ज्ञान प्रकाश लोहान ने बताया कि वर्तमान में नारनौंद कोर्ट में लगभग 4600 मामले लंबित हैं। मामलों की अधिकता के कारण वादियों को एक से डेढ़ वर्ष तक की लंबी तारीखें मिल रही हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने एक अतिरिक्त अदालत की स्थापना से मामलों के निस्तारण में तेजी आने की बात कही। बार एसोसिएशन ने दिया सुझाव बार एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि तहसील भवन, जो अस्थायी रूप से कोर्ट के लिए आवंटित है, उसकी ऊपरी मंजिल का आधे से अधिक हिस्सा खाली पड़ा है। वर्तमान में वहां केवल कुछ पटवारी बैठते हैं। यदि इसी भवन में एक और अदालत शुरू कर दी जाए, तो आमजन को काफी राहत मिल सकती है। इसके अलावा अस्थायी कोर्ट की ऊपरी मंजिल में भी एक अतिरिक्त अदालत स्थापित करने की मांग रखी गई। वकीलों ने बताया कि बार एसोसिएशन की ओर से चंडीगढ़ स्थित हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन जस्टिस हरसिमरन सेठी को अतिरिक्त जज की नियुक्ति को लेकर पत्र भेजा हुआ है। साथ ही एसडीजेएम के माध्यम से सेशन जज हिसार को अलग पत्र प्रेषित कर अधिवक्ताओं के लिए पक्के चैंबरों की व्यवस्था की मांग की जा चुकी है। अधिवक्ताओं ने विश्वास जताया कि प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक पहल होने से न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र के लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा। इस अवसर पर एडवोकेट कृष्ण काजल, जितेंद्र खर्ब, संदीप लोहान, नरेश श्योराण, प्रदीप लोहान, मनदीप ढांडा, सुनील, सुशील शर्मा, अनूप श्योराण, अर्जुन ढांडा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
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