महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल के गांव धोलेड़ा में आज अहीर रेजिमेंट संघर्ष समिति की ओर से करनाल शौर्य दिवस की स्मृति में परम बलिदानी राव बालकिशन सिंह और उनके रणबांकुरे अहीर वीरों के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों तथा विभिन्न गांवों से आए समाज के लोगों ने भाग लेकर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर समिति के सदस्य राव अजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 1739 में वीर भूमि अहीरवाल के लगभग 5 हजार योद्धा राव बालकिशन सिंह के नेतृत्व में मातृभूमि की रक्षा करते हुए बलिदान हुए थे। उनके त्याग और शौर्य को याद रखने के लिए हर वर्ष अहीरवाल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। तीन विषयों पर हुई चर्चा उन्होंने बताया कि इस बार गांव धौलेड़ा की सरदारी द्वारा आयोजन किया गया, जिसमें तीन मुख्य विषयों पर चर्चा हुई करनाल युद्ध के शौर्य को स्मरण कर वीरों को श्रद्धांजलि देना, गुणावल खाप के गठन के लिए पंचायत तथा अहीर रेजिमेंट के समर्थन में जन-जागरण अभियान। खाप समाज की रीढ़ उन्होंने कहा कि खापें समाज की रीढ़ होती हैं और सामाजिक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि पंचायत और सरदारी प्रेमपूर्वक बैठकर निर्णय लें, तो समाज की अधिकांश समस्याओं का समाधान संभव है, उन्हें उम्मीद है कि अहीर रेजिमेंट की मांग को आगे बढ़ाने में भी खापों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए कार्यक्रम में सामाजिक सुधारों को लेकर भी कई निर्णय लिए गए। पंचायत में तय किया गया कि किसी भी शुभ कार्य में शराब का सेवन नहीं किया जाएगा, विवाह समारोह में मेहमानों की संख्या सीमित रखी जाएगी, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े तथा मृत्यु भोज जैसी कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। अहीर रेजिमेंट आंदोलन को मजबूत करेगा इस अवसर पर रिटायर्ड जज राकेश यादव ने कहा कि खाप गठन का निर्णय अहीर रेजिमेंट आंदोलन को मजबूत करेगा और इससे आम समाज का समर्थन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अहीर समुदाय का इतिहास वीरता और संघर्ष से भरा रहा है तथा अहीर रेजिमेंट की मांग उनका अधिकार है। कार्यक्रम का समापन वीरों को श्रद्धांजलि, समाजिक एकता के संकल्प और जयघोष के साथ हुआ।
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