नारायणपुर-कोंडागांव मुख्य मार्ग पिछले लगभग पांच महीनों से बंद है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पूरी सड़क खोद दी गई है, जिससे दोपहिया गाड़ियों का चलाना भी मुश्किल हो गया है। गड्ढों और धूल के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने के कारण यात्री बसों को बोरगांव-हिरी-बड़े डोंगर होते हुए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गए हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गाँव की सड़कें भी टूटने लगी
मेन रोड बंद होने से गाड़ियों की आवाजाही गाँव की सड़कों पर बढ़ गई है। ये सड़कें भारी गाड़ियों के लिए नहीं बानी है, लेकिन अब बसें और ट्रक भी इन्हीं रास्तों से गुजर रहे हैं। इस बढ़ती आवाजाही के कारण गाँव की सड़कें जगह-जगह से टूट रही हैं और उनकी हालत भी खराब होती जा रही है। सम्बंधित अधिकारी ना मिलते ना फोन उठाते
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण समस्या बढ़ी है और अधिकारी फोन नहीं उठाते और न ही मौके पर काम की कोई निगरानी की जा रही है। जब कोंडागांव स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय में कार्यपालन अभियंता प्रज्ञा नंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। कार्यालय में एसडीओ और सब इंजीनियर भी अनुपस्थित मिले, जिससे विभाग का पक्ष नहीं लिया जा सका। ग्रामीण और यात्री हो रहे हैं लगातार परेशान
लगातार हो रही परेशानी से नाराज ग्रामीणों और यात्रियों ने कई बार मार्ग जाम कर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों पर इसका कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है।
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