Nainital News: नैनीताल विंटर कार्निवल 2025 में पंजाबी सिंगर परमिश वर्मा के शो के दौरान भारी भीड़ से हालात बेकाबू हो गए. अपर्याप्त पुलिस बल और कमजोर बैरिकेडिंग के कारण अफरा-तफरी मची. कमिश्नर और डीएम को शो बीच में छोड़ना पड़ा, जिससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए.
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही दर्शकों की संख्या अचानक बढ़ गई. स्टेज के सामने और आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग न होने के कारण लोग सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे. हालात इतने बिगड़ गए कि स्टेज के सामने केवल गिने-चुने पुलिसकर्मी ही नजर आए, जो हजारों की भीड़ को संभालने में पूरी तरह मशक्कत करते दिखाई दिखे. भीड़ नियंत्रण को लेकर किसी पुलिस की कोई ठोस रणनीति नहीं दिखाई दी.
कुमाऊं कमिश्नर और डीएम को छोड़ना पड़ा शो
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट को सुरक्षा कर्मियों के घेरे में शो बीच में ही कार्यक्रम स्थल छोड़कर बाहर निकलना पड़ा. प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों का इस तरह भीड़ से निकलना अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है. हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े और संवेदनशील कार्यक्रम के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति भी सामने आई, जिसने प्रशासनिक तैयारियों पर और सवाल खड़े कर दिए. भीड़ पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया. लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी पैदा हो गई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता ?
तोड़ी कुर्सियां-हीटर, पत्रकारों से की अभद्रता
घटना के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कुर्सियां और हीटर तोड़ने की भी खबर सामने आई है. वहीं शराब के नशे में पहुंचे कुछ लोगों ने मौके पर मौजूद पत्रकारों के साथ अभद्रता की, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. यह सब उस समय हुआ, जब मंच पर एक लोकप्रिय कलाकार प्रस्तुति दे रहा था और हजारों लोग कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे थे. इस पूरे घटनाक्रम ने विंटर कार्निवल जैसे प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है. स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को पहले से अनुमान था कि परमिश वर्मा जैसे बड़े कलाकार के शो में भारी भीड़ उमड़ेगी. इसके बावजूद न तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और न ही मजबूत बैरिकेडिंग, आपातकालीन निकासी मार्ग और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की गई.
शहर की छवि को पहुंचा नुकसान
नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन शहर में इस तरह की अव्यवस्था से शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर भरोसा करते हैं. ऐसी घटनाएं उस भरोसे को कमजोर कर सकती हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रशासन और पुलिस विभाग से पूरे मामले की समीक्षा और जांच की मांग उठने लगी है. लोगों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, पर्याप्त पुलिस बल, वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य मौजूदगी और ठोस सुरक्षा योजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि नैनीताल में उत्सव का माहौल अराजकता में न बदले. और शहर की पहचान भी धूमिल ना हो सके.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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