प्रशासन के अनुसार, कैंची धाम क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. बाइक और स्कूटी से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर अपने वाहन खड़े करने होंगे और आगे की यात्रा शटल सेवा या पैदल करनी होगी. बाहरी दोपहिया वाहनों को नैनीताल, भवाली, भीमताल और कैंची धाम में प्रवेश नहीं मिलेगा. वहीं चारपहिया वाहनों को भी तय रूट और निर्धारित समय के अनुसार ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी.
ऐसे पहुंचेंगे कैंची धाम
नैनीताल के साथ ही भीमताल, भवाली और कैंची धाम क्षेत्र में भी सीधे वाहनों का प्रवेश सीमित किया जाएगा. नैनीताल के पार्किंग स्थल जैसे ही 50 प्रतिशत भर जाएंगे, उसके बाद पर्यटक वाहनों को एंट्री प्वाइंट पर ही रोक दिया जाएगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से शहर और कैंची धाम भेजा जाएगा. यह विशेष ट्रैफिक प्लान 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पूरी तरह लागू रहेगा.
एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि 31 दिसंबर और नववर्ष पर भारी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को देखते हुए पूरे जिले को चार जोन नैनीताल, कैंची धाम, रामनगर और शेष जिला में विभाजित किया गया है. इन चार दिनों में अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
ये रहेगा ट्रैफिक प्लान
अलग-अलग जोन के आधार पर मैदानी क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर अलग-अलग रूटों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा. सभी वाहनों के लिए यह डायवर्जन प्लान सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक प्रभावी रहेगा. एसपी यातायात ने बताया कि नैनीताल में पार्किंग स्थल खाली होने की स्थिति में सामान्य यातायात की अनुमति रहेगी, लेकिन जैसे ही दबाव बढ़ेगा, हल्द्वानी और अन्य मैदानी क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को अस्थायी पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा.
वाहनों का दबाव अत्यधिक होने पर बाजपुर और रामपुर की ओर से आने वाले वाहनों को राइका कालाढूंगी मैदान, जबकि बरेली, रामपुर और चोरगलिया रोड से आने वाले वाहनों को एचएमटी रानीबाग और आईएसबीटी गौलापार में पार्क कराया जाएगा. यहां से पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से नैनीताल और कैंची धाम भेजा जाएगा. यदि नैनीताल पूरी तरह पैक हो जाता है, तो पर्यटकों को रामगढ़, मुक्तेश्वर, जागेश्वर जैसे अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक होने पर जिले की सीमा पर ही वाहनों को रोकने की भी व्यवस्था की गई है.
यहां से चलाई जाएगी शटल
कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष शटल सेवाएं चलाई जाएंगी. भीमताल में विकास भवन, नगर पालिका पार्किंग और रामलीला मैदान में वाहन खड़े कराकर श्रद्धालुओं को शटल से कैंची धाम भेजा जाएगा. वहीं नैनीताल और ज्योलीकोट से आने वाले वाहनों को सैनिटोरियम और नैनीबैंड में पार्क कराकर शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी.
कालाढूंगी रोड से आने वाले वाहनों को रूमी बाइपास से ज्योलीकोट होते हुए सैनिटोरियम भेजा जाएगा. प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, शटल सेवा का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सहयोग करें, ताकि नए साल पर सभी को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अवसर मिल सके.
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