व्यापारियों का कहना है कि नैनीताल एक पर्यटक नगरी है और यहां की नाइट लाइफ पर्यटकों को आकर्षित करती है, नैनीताल में वैसे ही पर्यटन खत्म हो चुका है. ऐसे फैसले लेकर और पर्यटन को खत्म किया जा रहा है. व्यापारियों ने कहा कि पुलिस अपनी कार्यप्रणाली पर फेल हो रही है. जिसके बाद इस तरह के फैसले ले रही है. वहीं रात 11 बजे बाजार बंद होने से पर्यटक जल्दी होटल लौट रहे हैं, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है. कई पर्यटक खाने की तलाश में माल रोड में घूमते फिरते नजर आ रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि क्या अब अपराध रोकने के लिए बाजार बंद करना उचित है?
व्यापार मंडल ने दी आंदोलन की चेतावनी
नैनीताल के मल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन नेगी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस अपने कर्तव्यों के निर्वहन में पूरी तरह विफल हो रही है, इसलिए इस तरह के नियम बनाकर व्यापारियों पर थोपे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि रात 11 बजे बाजार बंद कराने का कोई औचित्य नहीं है और यह शहर की कानून-व्यवस्था संभालने में पुलिस की असफलता को दर्शाता है. किशन नेगी कहते हैं कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, ऐसे नियमों से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होंगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यह व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो व्यापारी इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे.
नैनीताल का जा रहा नकारात्मक संदेश
नैनीताल में टैक्सी-बाइक चालक परवेज का कहना है कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंचते हैं. रात 11 बजे बाजार बंद होने के कारण पर्यटकों को भोजन के लिए सड़कों पर भटकना पड़ रहा है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे शहर की गलत छवि पर्यटकों के बीच बन रही है. वहीं स्थानीय होटल कारोबारी मोहम्मद शाकिब का कहना है कि इस व्यवस्था से पर्यटक असुविधा महसूस कर रहे हैं और उन्हें खाने-पीने में दिक्कतें हो रही हैं. दिल्ली समेत अन्य मेट्रो शहरों से आने वाले पर्यटक अक्सर देर रात डिनर करते हैं, लेकिन 11 बजे के बाद बाजार बंद होने से वे माल रोड पर खाने की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं. इससे नैनीताल को लेकर लोगों के बीच नकारात्मक संदेश जा रहा है.
खाने-पीने के लिए भटक रहे पर्यटक
नैनीताल के रेस्टोरेंट कारोबारी सईद अहमद का कहना है कि पहले माल रोड पर रात 1 बजे तक पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती थी, जिससे इलाके की रौनक कायम रहती थी. उनके रेस्टोरेंट में भी देर रात तक पर्यटकों को भोजन परोसा जाता था, लेकिन पिछले करीब 10 दिनों से रात 11 बजे पूरे नैनीताल में बाजार बंद करा दिया जा रहा है. ऐसे में खाने-पीने की व्यवस्था प्रभावित हो गई है और पर्यटकों को भटकना पड़ रहा है. वहीं बरेली से नैनीताल घूमने पहुंचे पर्यटक नाजिम ने बताया कि वे रात में अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे, लेकिन रेस्टोरेंट बंद होने के कारण उन्हें कहीं भी भोजन नहीं मिल पाया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में समझ नहीं आ रहा कि खाना कहां और कैसे मिले.
पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से हट रही पीछे
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहा कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और इस तरह के आदेश से यह प्रतीत होता है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रही है. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात ऐसे बन रहे हैं मानो शहर में फिर से अंग्रेजों का शासन लौट आया हो. कभी वाहनों को रोकना और डायवर्ट करना, तो अब रात 11 बजे शहर बंद कराने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इससे मुंह नहीं मोड़ा जाना चाहिए.
नैनीताल में पर्यटक देर रात तक माल रोड पर घूमना पसंद करते हैं, जबकि कई होटलों में भोजन की व्यवस्था नहीं होती. ऐसे में 11 बजे बाजार बंद कर पर्यटकों को हटाना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री नैनीताल में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे नियम पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं. उनका कहना है कि हर पर्यटन स्थल की अपनी नाइट लाइफ होती है और पर्यटक यहां केवल दिन में घूमने नहीं, बल्कि नाइट लाइफ का आनंद लेने भी आते हैं. यदि 11 बजे ही पर्यटकों को लौटने के लिए बाध्य किया जाएगा, तो पर्यटन को बढ़ावा कैसे मिलेगा.
इस तरह का नियम असंवैधानिक
नैनीताल जिला बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट दीपक रुवाली ने कहा कि इस तरह का नियम पूरी तरह असंवैधानिक प्रतीत होता है. उनका कहना है कि संविधान में इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं है, और यदि किसी बदलाव के आधार पर ऐसा निर्णय लिया गया है तो इसकी स्पष्ट जानकारी जनता को दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि वह व्यवस्था को दुरुस्त करने में सफल नहीं हो पा रही है. उन्होंने कहा कि नैनीताल एक शांतिप्रिय शहर है और इस प्रकार के नियम लागू करना उचित नहीं है.
इस वजह से लागू किया गया नियम
इस पूरे मामले पर एसपी जगदीश चंद्रा ने कहा कि महिला सुरक्षा और रात में तेज गति से वाहन चलाने तथा हुड़दंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से बाजार बंद कराने का फैसला लिया गया है.
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