Nainital News: उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल को कचरा मुक्त और प्रदूषण रहित बनाने के लिए नगरपालिका परिषद ने एक बड़ी और वैज्ञानिक पहल ‘त्रिबिन योजना’ की शुरुआत की है. शहर के सौंदर्य को सहेजने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुल 15,164 डस्टबिन घर-घर वितरित किए जा रहे हैं. तीन रंगों हरा, नीला और लाल के माध्यम से कूड़े के स्रोत पर ही वर्गीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. वार्ड नंबर 1 स्टाफ हाउस से शुरू हुए इस अभियान के तहत न केवल डस्टबिन बांटे जा रहे हैं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है.
इस अभियान की शुरुआत वार्ड नंबर 1 स्टाफ हाउस से की गई है. आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के सत्यापन के बाद ही डस्टबिन वितरित किए जा रहे हैं, ताकि योजना का लाभ वास्तविक निवासियों तक पहुंचे और हर वार्ड को व्यवस्थित रूप से कवर किया जा सके. नगरपालिका की टीम घर-घर जाकर न केवल डस्टबिन बांट रही है, बल्कि लोगों को उनके सही उपयोग के बारे में भी जागरूक कर रही है.
बांटे जा रहे हैं तीन अलग अलग डस्टबीन
नगरपालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कुमार के अनुसार, पहले चरण में करीब 150 होटलों को 120 लीटर क्षमता वाले दो-दो बड़े डस्टबिन दिए गए हैं. इसके बाद अब रिहायशी इलाकों में तीन छोटे डस्टबिन वितरित किए जा रहे हैं. प्रत्येक परिवार को हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा और लाल डस्टबिन में दवाइयां व सैनेट्री पैड जैसे विशेष कचरे को अलग रखने की सलाह दी जा रही है. नगरपालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि यह पहल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत की जा रही है. डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था नगरपालिका और टीबीटी संस्था के माध्यम से लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप त्रिबिन योजना शुरू की गई है, जिससे शहर में कचरे का पृथक्करण स्रोत स्तर पर ही सुनिश्चित हो सके.
देना होगा 60 रुपये प्रति महीने का शुल्क
ईओ नगरपालिका ने बताया कि पहले चरण में लगभग 9000 मकान मालिकों को डस्टबिन वितरित करने की योजना है. कुल 15,164 डस्टबिन पूरे शहर के सभी वार्डों में वितरित किए जाएंगे. फिलहाल ये डस्टबिन निशुल्क दिए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें. स्वच्छता नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती भी बरती जाएगी. यदि कोई व्यक्ति कूड़ा इधर-उधर फेंकता पाया गया तो संबंधित मोहल्ले या घर को नोटिस जारी किया जाएगा. उल्लंघन की स्थिति में 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए छोटे घरों से 60 रुपये और बड़े घरों से 100 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है.
नगरपालिका का लक्ष्य है कि शहर के सभी वार्डों में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो और नैनीताल को स्वच्छ और सुंदर शहर के रूप में नई पहचान मिले. इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि पर्यटन नगरी नैनीताल में कचरा प्रबंधन की स्थिति बेहतर होगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा सकेगा. तीन रंगों के इन डस्टबिन के माध्यम से अब हर नागरिक स्वच्छता मिशन का सक्रिय भागीदार बनेगा.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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