वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि हाथी को अपनी ओर दौड़ता देख जिप्सी में बैठे महिला और पुरुष पर्यटक बार-बार घबराहट में चिल्लाते हुए कह रहे हैं “भगाओ जिप्सी, भगाओ…!” अचानक हुई इस घटना ने सभी का दिल थाम दिया. हालांकि, इस तनावपूर्ण पल में जिप्सी चालक ने अद्भुत शांत रहकर स्थिति को संभाला.
चालक के सूझबूझ से बची जान
वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि हाथी को अपनी ओर दौड़ता देख जिप्सी में बैठे महिला और पुरुष पर्यटक बार-बार घबराहट में चिल्लाते हुए कह रहे हैं “भगाओ जिप्सी, भगाओ…!” अचानक हुई इस घटना ने सभी का दिल थाम दिया. हालांकि, इस तनावपूर्ण पल में जिप्सी चालक ने शांत रहकर स्थिति को संभाला. उसने न तो वाहन को अनियंत्रित गति से भगाया और न ही कोई तेज आवाज़ या झटका दिया जो हाथी को और अधिक उत्तेजित कर सकता था. उसने लगातार सुरक्षित दूरी बनाते हुए जिप्सी को आगे बढ़ाया और कुछ ही मिनटों में पर्यटकों को खतरे से बाहर निकाल लिया.
क्या थी पीछा करने की वजह
नेचर गाइड ऋषभ, जो घटना के दौरान मौजूद थे, बताते हैं कि जंगल में ऐसे पल कई बार अचानक सामने आ जाते हैं. उनके अनुसार, टस्कर हाथी कभी-कभी आवाज़, गंध या हलचल से उत्तेजित होकर पीछा कर देते हैं. ऐसे समय में सबसे ज़रूरी होता है कि चालक अनुभव और संयम से काम लें. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड और ड्राइवर जंगली जीवों के व्यवहार को अच्छी तरह समझते हैं, इसलिए वे बिना जानवर को उकसाए सुरक्षित रास्ता निकाल लेते हैं.
सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा वीडियो
यह पूरी घटना पर्यटकों के मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है. वीडियो देखकर लोग जहां टस्कर की अविश्वसनीय गति देखकर दंग हैं, वहीं चालक और गाइड की समझदारी की भी जमकर सराहना कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अमानगढ़ और कॉर्बेट क्षेत्र में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि जंगल स्वस्थ और समृद्ध है. लेकिन साथ ही यह भी याद दिलाती हैं कि जंगल सफारी हमेशा अत्यधिक सावधानी, नियम पालन और प्रशिक्षित गाइडों की सलाह के साथ ही करनी चाहिए.
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