नैनीताल में पर्यटन सीजन से पहले प्रशासन सख्त हो गया है. नगर पालिका परिषद नैनीताल ने फर्जी गाइडों के खिलाफ अभियान का फैसला लिया है. 82 पंजीकृत गाइडों का सत्यापन और लाइसेंस रिन्यू से पहले दस्तावेज जांच होगी. ड्रेस कोड व आईडी अनिवार्य किए जाएंगे. बिना लाइसेंस गाइडिंग पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
बैठक में ईओ रोहिताश शर्मा ने सभी पंजीकृत गाइडों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही कार्य करें और पर्यटकों के साथ शालीन व पेशेवर व्यवहार बनाए रखें. उन्होंने कहा कि नैनीताल की पहचान सिर्फ उसकी प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों के अनुभव से भी बनती है. यदि गाइड ही गलत जानकारी दें या अनुशासनहीनता दिखाएं तो इससे पूरे शहर की छवि धूमिल होती है.
82 पंजीकृत गाइड, शुरू की जाएगी रिन्यू प्रक्रिया
नगर पालिका कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 82 होटल गाइड पंजीकृत हैं. हालांकि बैठक में अपेक्षाकृत कम संख्या में गाइडों की उपस्थिति पर ईओ ने नाराजगी जताई. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित रहने वालों से स्पष्टीकरण भी लिया जा सकता है. बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि लाइसेंस रिन्यू प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी गाइडों का विस्तृत सत्यापन कराया जाएगा. इसके तहत उनके दस्तावेज, पहचान, पृष्ठभूमि और कार्यक्षेत्र की जांच की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इससे अवैध रूप से गाइडिंग कर रहे लोगों की पहचान आसान होगी और फर्जी गाइडों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.
लागू किया जाएगा ड्रेस कोड
ईओ ने लाइसेंस अनुभाग को निर्देश दिए कि वे सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करें. जिन गाइडों के दस्तावेज अधूरे पाए जाएंगे या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध होंगी, उनके लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाई जा सकती है. इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइडों के लिए ड्रेस कोड लागू करने का भी निर्णय लिया गया है. निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के माध्यम से पर्यटक अधिकृत और फर्जी गाइड के बीच आसानी से अंतर कर सकेंगे. इससे ठगी, गलत मार्गदर्शन और अनावश्यक वसूली जैसी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है. नगरपालिका प्रशासन का कहना है कि कई बार पर्यटक अनजाने में बिना लाइसेंस वाले गाइड के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे उन्हें गलत जानकारी या आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. ड्रेस कोड और आईडी अनिवार्य होने से ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी.
अवैध गाइडों के खिलाफ चलेगा अभियान
नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और होटल क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. जो भी व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के गाइडिंग करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. वहीं नगरपालिका प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से न केवल पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि शिकायतों में भी कमी आएगी. नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है. ऐसे में गाइडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना समय की मांग है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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