LPG Gas Crisis Nainital : शहर के इलेक्ट्रॉनिक सामान विक्रेताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है. पहले जहां दुकानों में इंडक्शन चूल्हे सीमित संख्या में बिकते थे, अब डेली 15 से 20 आराम से बिक जाते हैं. नैनीताल के दुकानदार हरीश जोशी लोकल 18 से बताते हैं कि गैस सिलेंडर की कमी के बाद लोगों ने इंडक्शन चूल्हों को अपनाना शुरू कर दिया है. अचानक बढ़ी मांग के कारण बाजार में इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. पहले जो घरेलू इंडक्शन चूल्हे 2000 से 3000 के बीच मिल जाते थे, उनकी कीमतों में अब इजाफा हो गया है.
हर बर्तन का उपयोग
नैनीताल के दुकानदार हरीश जोशी बताते हैं कि गैस सिलेंडर की कमी के बाद लोगों ने इंडक्शन चूल्हों को विकल्प के तौर पर अपनाना शुरू कर दिया है. पहले इंडक्शन चूल्हे अधिकतर घरों में ही इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी इन्हें खरीदने लगे हैं. वर्तमान में आम ग्राहकों से ज्यादा मांग होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायियों की ओर से आ रही है. आधुनिक इंडक्शन चूल्हों में अब लगभग सभी प्रकार के बर्तन इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिससे लोग इन्हें अधिक सुविधाजनक विकल्प मान रहे हैं. हालांकि अचानक बढ़ी मांग के कारण बाजार में इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
बड़ी समस्या यही
व्यापारियों के अनुसार, पहले जो घरेलू इंडक्शन चूल्हे 2000 से 3000 रुपये के बीच मिल जाते थे, उनकी कीमतों में अब इजाफा हो गया है. कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में तो तीन गुना तक बढ़ोतरी हो चुकी है. बाजार में इनकी भारी मांग है लेकिन स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है. ऐसे में कई दुकानदार इन्हें दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से मंगवा रहे हैं. रेस्टोरेंट व्यवसायी रुचिर साह का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगने के बाद होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. कई होटल और रेस्टोरेंट अब कोयले और इंडक्शन चूल्हों के सहारे काम चलाने को मजबूर हो गए हैं. पहले कमर्शियल इंडक्शन चूल्हे की कीमत करीब 15 हजार रुपये थी, लेकिन बढ़ती मांग और कम उपलब्धता के कारण अब वही चूल्हा लगभग 50 हजार रुपये तक पहुंच गया है. इसके बावजूद बाजार में इन्हें आसानी से नहीं मिल पा रहा है.
सिर्फ वही व्यंजन
गैस संकट का असर शहर के खानपान कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. कई रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही बचा है, जबकि कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने फिलहाल अपने प्रतिष्ठान बंद करने का फैसला लिया है. कई जगहों पर मेन्यू भी सीमित कर दिया गया है और केवल वही व्यंजन परोसे जा रहे हैं जो तंदूर या वैकल्पिक ईंधन पर तैयार किए जा सकते हैं. होटल कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पर्यटन सीजन से पहले शहर का होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय गंभीर संकट में पड़ सकता है.
साफ बताने की मांग
कारोबारियों ने सरकार से मांग की है कि गैस आपूर्ति को जल्द सामान्य किया जाए या फिर स्पष्ट रूप से बताया जाए कि यह समस्या कितने समय तक बनी रह सकती है. व्यापारियों और होटल संचालकों का कहना है कि मौजूदा हालात उन्हें कोविड काल की याद दिलाने लगे हैं, जब अचानक कारोबार ठप हो गया था. ऐसे में सभी की निगाहें अब प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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