यात्रा के दौरान कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों का होगा ‘दीदार’
कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक विनीत तोमर ने बताया कि इस बार अलग-अलग रूट के हिसाब से अलग-अलग पैकेज तैयार किए गए हैं. वहीं, हल्द्वानी से शुरू होकर हल्द्वानी में ही समाप्त होने वाली 9 दिवसीय यात्रा का विशेष पैकेज तैयार किया गया है. इस पैकेज की कीमत प्रति यात्री लगभग 45 हजार रुपये (जीएसटी सहित) रखी गई है. इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु हल्द्वानी से पिथौरागढ़, धारचूला, गुंजी, नाभीढांग और ज्योलिंगकॉन्ग तक पहुंचेंगे, जहां से पवित्र आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कराए जाएंगे.
धार्मिक स्थलों के दर्शन का मिलेगा अवसर
इसके बाद वापसी के दौरान यात्रियों को मुनस्यारी, चौकोड़ी और अल्मोड़ा जैसे सुंदर पहाड़ी पर्यटन स्थलों से भी होकर लाया जाएगा. उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा. इनमें नाभीढांग, काली मंदिर, गौरीकुंड, पांडव सरोवर, कुटी गांव और पार्वती सरोवर प्रमुख हैं. इन स्थानों का धार्मिक और पौराणिक महत्व काफी अधिक माना जाता है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसके अलावा इस यात्रा को कुमाऊं के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों से भी जोड़ा गया है.
श्रद्धालु इस दौरान कैंची धाम, चितई गोल्ज्यू मंदिर, जागेश्वर धाम और पाताल भुवनेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकेंगे. इससे एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तो दूसरी ओर यात्रियों को उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर भी मिलेगा.
तीन रूट में कराई जाएगी यात्रा
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इस वर्ष यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा के तीन अलग-अलग रूट भी तैयार किए हैं. यात्रा को हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से संचालित किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं को अपनी सुविधा और समय के अनुसार यात्रा चुनने का विकल्प मिलेगा. महाप्रबंधक विनीत तोमर ने बताया कि इस वर्ष आदि कैलाश यात्रा की शुरुआत 8 मई से होगी. पहला जत्था हल्द्वानी से रवाना होगा और यह यात्रा कुल 8 दिनों में पूरी कराई जाएगी, इस दौरान श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़, धारचूला, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन कराए जाएंगे.
वहीं, वापसी के दौरान यात्रियों को चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जागेश्वर, अल्मोड़ा, कैंची धाम और भीमताल जैसे प्रमुख स्थानों पर भी ले जाया जाएगा. इसके अलावा दूसरा रूट टनकपुर से संचालित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 9 मई से होगी. यह यात्रा 6 दिनों की होगी और इसमें श्रद्धालुओं को कम समय में सीधे आदि कैलाश के दर्शन कराए जाएंगे. वहीं तीसरा रूट धारचूला से शुरू होगा, जो उन यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है जो कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते हैं.
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
यात्रा शुल्क की बात करें तो हल्द्वानी रूट से के लिए प्रति यात्री 45 हजार रुपये, टनकपुर रूट के लिए 42 हजार रुपये और धारचूला रूट के लिए 35 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इस शुल्क में आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल रहेंगी, जिनकी व्यवस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा की जाएगी. कुमाऊं मंदिर के अधिकारियों के अनुसार पहाड़ी मार्ग लंबा और चुनौतीपूर्ण होने के कारण कई यात्रियों के लिए लंबी अवधि की यात्रा करना कठिन हो जाता था.
कैसे करें बुकिंग?
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार 6 दिन का संक्षिप्त पैकेज भी तैयार किया गया है, ताकि श्रद्धालु कम समय में भी इस पवित्र यात्रा का लाभ उठा सकें. इच्छुक श्रद्धालु और पर्यटक कुमाऊं मंडल विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा में शामिल होंगे, जिससे उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी.
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