Crime News: दलीप राणा उर्फ खली ने जमीनी विवाद से जुड़े मामले पर पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन 2005 में एक महिला के नाम पर कानूनी तौर पर पंजीकृत थी और हमने कानूनी प्रक्रिया के बाद उससे जमीन का मालिकाना हक हासिल किया.
दलीप राणा उर्फ खली ने कहा कि प्रशासन सही जांच करे और वहां रह रहे परिवारों को न्याय दिलाए. उनके साथ कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं. सभी शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे 28-8 बीघा जमीन के सह-स्वामी हैं और पिछले पांच दशक से वहां रह रहे है, लेकिन अब परिवारों पर अचानक दबाव बनाया जा रहा है और उनकी जमीन को हड़पने की कोशिश की जा रही है.
जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप
नाहन में मीडिया से बात करते हुए खली ने जमीनी विवाद से जुड़े मामले पर पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन 2005 में एक महिला के नाम पर कानूनी तौर पर पंजीकृत थी और हमने कानूनी प्रक्रिया के बाद उससे जमीन का मालिकाना हक हासिल किया. 2013 में, मेरे पिता ज्वाला राम ने उस महिला से यह जमीन कानूनी तौर पर खरीदी थी और तब से हमारे परिवार के पास इस संपत्ति का मालिकाना हक है. कागज होने के बावजूद, पांवटा साहिब के तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी अब अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं और प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि 20 मई 2025 को पहली बार कुछ लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की. ग्रामीणों, महिलाओं और शिकायतकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर इस कोशिश को नाकाम कर दिया था. शिकायत में कहा गया है कि यह पूरी कार्रवाई राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से की गई. दूसरी घटना 18 जुलाई 2025 को हुई. आरोपित लोगों ने फिर से जमीन में घुसने की कोशिश की.
उन्होंने यह भी कहा कि जमीन सालों से उनके कब्जे में है. इसके बावजूद बार-बार अवैध तरीके अपनाए जा रहे हैं. संबंधित तहसीलदार और कुछ राजस्व अधिकारी अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. ऋषभ पर आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलदार की जांच होनी चाहिए कि वो कितनी रजिस्ट्री करते हैं. संबंधित तहसीलदार और कुछ राजस्व अधिकारी अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. हमारे पास जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर प्रस्तुत किया जा सकता है.सबसे गंभीर आरोप यह है कि राजस्व अधिकारियों और निजी लोगों ने मिलकर साजिश रची है. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी ऐसे प्रयास होते रहेंगे.
तहसीलदार ने दी सफाई
खली के आरोप लगाए जाने के बाद तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने कहा कि जमीनी विवाद को लेकर द ग्रेट खली के सभी आरोप बेबुनियाद हैं जो उन्होंने राजस्व विभाग पर अपनी जमीन के ततीमें गलत तरीके से काटने और उनकी भूमि को किसी और को देने का आरोप लगाए हैं. यह मामला नायब तहसीलदार पांवटा साहिब के कोर्ट में लगा, इसका फैसला 25 मार्च को हुआ है. दलीप राणा उर्फ ग्रेट खली ने सूरजपुर में भूमि खाता नंहर 8 में खरीदी है. इसके साथ लगते करीब 38 बीघा भूमि खाता नंंबर 6 पर बैठ (पोजेशन लिया) गए हैं. 23 नवंबर को इस भूमि पर बाउंड्री वाॅल बना दी. बेबुनियाद आरोप लगाने से बेहतर रहता कि द ग्रेट खली अपनी भूमि की निशानदेही ही करवा लेते या सिविल कोर्ट में स्टे की प्रति लेकर आते. म्यूटेशन तक के लिए भी नहीं आए. अब भी इस मामले में किसी भी राजस्व अधिकारी से निशानदेही करवा लें. इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. इस तरह दबाव बनाना और बेबुनियाद आरोप लगाना ठीक नहीं है.
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