25 साल की उम्र में IAS बनना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होता. बिहार के मुजफ्फरपुर के ऋत्विक रंजन ने इस सपने को न सिर्फ जिया, बल्कि दो बार UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास कर यह साबित कर दिया कि सच्ची मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के आगे कोई भी असफलता टिक नहीं सकती. एक बार IRS बनने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा प्रयास कर 195वीं रैंक के साथ अपने IAS बनने के सपने को साकार किया.
ऋत्विक रंजन (Hritwik Ranjan) ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में सफलता हासिल की और उन्हें AIR 773 मिली, जिसके बाद वे असिस्टेंट इनकम टैक्स कमिश्नर बने, और फिर 2024 में बेहतर रैंक (AIR 195) लाकर IAS बनने की राह पर हैं, जो उनकी लगन और कड़ी मेहनत का नतीजा है.
ऋत्विक रंजन (Hritwik Ranjan) ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में सफलता हासिल की और उन्हें AIR 773 मिली, जिसके बाद वे असिस्टेंट इनकम टैक्स कमिश्नर बने, और फिर 2024 में बेहतर रैंक (AIR 195) लाकर IAS बनने की राह पर हैं, जो उनकी लगन और कड़ी मेहनत का नतीजा है.
बिहार तक को दिए इंटरव्यू में ऋत्विक रंजन बताते हैं कि, जब सेकंड टाइम मैं एग्जाम दे रहा था तो आसपास काफी सारे लोगों को देखता था जो कि बहुत लोग सेटिस्फाई भी हो गए थे. कि चलो सर्विस मिल गई है. तो मुझे कभी-कभी लगता था कि ठीक है अब शायद पढ़ाई से आगे बढ़ के करियर पर ही फोकस करना चाहिए. काम पर ही फोकस करना चाहिए. वापस से पढ़ाई में जाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. बाकि दोस्तों को सबकुछ करते हुए देखकर लगता है जैसे हमारी बहुत सी चीजें पीछे छूट रही हैं, लेकिन उसी वक्त फोकस करना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है. (फोटो साभारः फेसबुक)
बचपन में क्या बनना चाहते थे ऋत्विक? उन्होंने कहा कि- उस समय इतना सोचा नहीं सोचा कि क्या बनना है. बट हां, मुझे तब स्पोर्ट्स वगैरह में बहुत इंटरेस्ट था. मुझे खेलना कूदना बहुत पसंद था. हम लोग ऐसे क्रिकेट वगैरह थोड़ा बहुत खेलते ही थे. मैं सोचता था कि कभी ना कभी इसी फील्ड में कुछ तो करूंगा. उस वक्त पढ़ाई में फ्यूचर बनाने का कोई प्लान नहीं था. ऋत्विक बताते हैं कि, उन्होंने वुशु, मार्शल आर्ट्स की आठ साल तक ट्रेनिंग ली है. उसमें ब्लैक बेल्ट भी रहे हैं. नेशनल लेवल पर भी खेला है. (फोटो साभारः फेसबुक)
कौन-सा था सबसे प्राउड मोमेंटः ऋत्विक ने बताया कि- वन ऑफ माय मोस्ट प्राउडेस्ट मूवमेंट. ऑनरेबल श्रीमती स्मृति ईरानी जी के को मैंने इनवाइट किया था. हमारा कॉलेज का फेस्टिवल था मूड इंडिगो वहां पर. इसके साथ ही किरन बेदी जी से भी मुलाकात हुई थी. डॉ. किरण बेदी जी मेरे लिए बहुत बड़ी इंस्प्रेशन हैं. उन्हें भी फेस्टिवल के लिए इनवाइट किया था. उनसे हाथ मिलाते वक्त मुझे बहुत प्राउड फील हुआ था. (फोटो साभारः फेसबुक)
बिहार में कम उम्र के कई IAS अधिकारी हैं, जिनमें हाल ही में आस्था सिंह (21 साल की उम्र में) और नीतीश कुमार (23 साल की उम्र में IPS) जैसे युवा चेहरे शामिल हैं, और 2024 के परिणामों के अनुसार कुमुद मिश्रा, संस्कृति त्रिवेदी, शोभिका पाठक, रित्विक मेहता जैसे कई युवा बिहार कैडर के IAS अधिकारी बने हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में बिहार से निकल रहे हैं और प्रेरणा दे रहे हैं.
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Mahesh Amrawanshiमाखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर किया. वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. राजनीति, क्राइम से जुड़ी खबरें लिखने में रूचि.