पूरे बिहार में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लगातार गिरते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठंड को देखते हुए सरकार ने एहतियात बरतने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जरूर दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं।मुजफ्फरपुर जिले स्थित उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में मरीजों की स्थिति इन दिनों बेहाल बताई जा रही है। ठंड के बावजूद अस्पताल के कई वार्डों में अब तक हीटर शुरू नहीं किए जा सके हैं, जिसके कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में भर्ती महिला और पुरुष मरीजों ने बताया कि वे कई दिनों से भीषण ठंड में इलाज कराने को मजबूर हैं। मरीजों का कहना है कि कुछ लोगों को कंबल उपलब्ध कराया गया है, लेकिन कई मरीजों को अब तक कंबल नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें घर से स्वयं कंबल मंगवाने पड़े। वार्डों की टूटी हुई खिड़कियां और खुले एरिया के कारण ठंडी हवा सीधे अंदर आ रही है, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है।
मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि जब इस समस्या को लेकर अस्पताल कर्मियों से शिकायत की जाती है, तो उनका जवाब संतोषजनक नहीं होता। मरीजों का कहना है कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। SKMCH उत्तर बिहार के कई जिलों के मरीजों के लिए लाइफलाइन माना जाता है और अगर यहां भी उचित व्यवस्था नहीं होगी, तो मरीज आखिर जाएं तो कहां।
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इस पूरे मामले पर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ सतीश कुमार सिंह ने कहा कि मरीजों की ओर से अब तक उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा मामला सामने आता है तो यह गंभीर विषय है। अस्पताल के स्टोर रूम में पर्याप्त संख्या में कंबल उपलब्ध हैं और ठंड से बचाव के लिए हर मरीज को कंबल दिया जाना चाहिए डॉ सतीश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में अस्पताल के मैनेजर से जानकारी ली जाएगी और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों को इलाज या किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता, यह सरकार का स्पष्ट आदेश है।
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