बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के बसुआ गांव की बेटी जिज्ञासा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। जिज्ञासा का चयन 69वीं राष्ट्रीय स्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता अंडर-17 में बिहार टीम के लिए हुआ है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आयोजित हो रही है, जहां जिज्ञासा बिहार टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जिज्ञासा, गांव के किसान मनोज ठाकुर और बेबी कुमारी की पुत्री हैं और वर्तमान में जीडी मदर विद्यालय मुजफ्फरपुर में कक्षा दसवीं की छात्रा हैं।
संघर्ष और मेहनत की कहानी
जिज्ञासा की सफलता के पीछे उनकी कठिन मेहनत और संघर्ष की कहानी भी है। बचपन में ऊंची जगह से गिरने के कारण उनका हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। इस दौरान वह कई महीनों तक उस हाथ से कोई काम नहीं कर पा रही थीं। लेकिन हार न मानकर लगातार अभ्यास और संघर्ष के दम पर आज वही हाथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेलने में मदद कर रहा है। सामान्य परिवार से होने के बावजूद जिज्ञासा के पिता ने उनकी शिक्षा और खेल प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें शहर में पढ़ाने का निर्णय लिया। उनकी इसी सोच और जिज्ञासा की मेहनत का परिणाम आज सामने आया है। जिज्ञासा के अंडर-17 बिहार टीम में चयन की खबर मिलते ही बसुआ गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
पढ़ें- छात्रा अपेक्षा की रहस्यमय मौत: शव के पोस्टमार्टम में गोली लगने का संदेह, परिजनों के बयान जांच के घेरे में; बताया क्या था?
दादी हुई भावुक
जिज्ञासा की दादी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी पोती बचपन से ही संघर्षशील रही है और उसे खेल का शौक था। हाथ टूटने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और मेहनत से आज वह राष्ट्रीय स्तर पर खेल रही है। दादी ने उम्मीद जताई कि जिज्ञासा जिला और राज्य का नाम ऊंचा करेगी और देश के लिए भी खेलकर बिहार का नाम रोशन करेगी। जिज्ञासा की यह उपलब्धि न केवल बसुआ गांव बल्कि पूरे औराई प्रखंड की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।