शहर के बिस्टान नाका क्षेत्र में स्थापित टंट्या मामा की प्रतिमा को लेकर चल रहे विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रतिमा स्थापना में नियमों और तय मापदंडों की अनदेखी सामने आने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए नगर पालिका के प्रभारी सहायक यंत्री और उपयंत्री को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर की गई। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाई गई, जिससे न केवल प्रशासन की छवि प्रभावित हुई बल्कि आमजन की भावनाएं भी आहत हुईं। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
बताया गया है कि परिषद की पूर्व बैठक में टंट्या मामा की प्रतिमा संगमरमर अथवा धातु से स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए नियमानुसार निविदा प्रक्रिया भी अपनाई गई थी। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद प्रतिमा क्रय की कार्रवाई पूरी की गई, लेकिन जब प्रतिमा स्थापित की गई तो उसका स्वरूप और गुणवत्ता तय मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गई।
प्रतिमा लगाए जाने के बाद शहर में लगातार असंतोष का माहौल बना रहा। विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विरोध बढ़ने पर मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और विभागीय स्तर पर इसकी जांच शुरू की गई।
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इस प्रकरण से जुड़ी संबंधित एजेंसी को पूर्व में ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। साथ ही प्रतिमा स्थापना के लिए नई प्रक्रिया शुरू करने और नए टेंडर जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में रहेगा। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि आगे और भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जनभावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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