कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बिजुरी और अनूपपुर में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पुतले जलाए गए। कार्यकर्ताओं ने मनरेगा, भ्रष्टाचार और दूषित पानी व कफ सिरप से हुई मौतों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। अनूपपुर जिला मुख्यालय के इंदिरा तिराहा पर शाम 4 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलकर ‘वी जी राम जी’ करने, मध्य प्रदेश में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और कफ सिरप से हुई मौतों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और सेना पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ भी नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने पुतले जलाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड दस्ते ने उन्हें रोक दिया। पुलिसकर्मियों ने पुतले छीन लिए और फायर ब्रिगेड ने आग बुझा दी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। पुतला दहन के कारण सड़क पर यातायात बाधित हुआ, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य किया। वहीं, बिजुरी नगर के हनुमान मंदिर चौराहा पर दोपहर 2 बजे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जय छड़ी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पुतले जलाने में वे सफल रहे। बिजुरी में पुतला दहन को लेकर पुलिस की ओर से कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। नगर पालिका ने एक छोटा फायर ब्रिगेड वाहन और एक कर्मचारी भेजा था, जिसे कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतला जलने तक दूर रखा। कांग्रेस ने सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार को ‘तानाशाह’ बताते हुए चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार समय रहते होश में नहीं आई, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
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