मोहाली अदालत ने 2020 के सोहाना में हुए हत्याकांड में आरोपी लवप्रीत सिंह निवासी तरन तारन की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी 9 जनवरी 2024 से जेल में है। कोर्ट ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं, सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा है। इस पर धारा 302 (हत्या), 212 (अपराधी को छिपाना), 34 (साझा इरादा), 120-बी (साजिश) IPC और आर्म्स एक्ट की धारा 25-54-59 लगाई गई। चार्ज 29 मार्च 2025 को फ्रेम हो चुका है और अब मुकदमे में अभियोजन पक्ष के गवाह पेश होने वाले हैं। सह आरोपी की जमानत का नही मिलेगा फायदा
याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि आरोपी को फर्जी तरीके से फंसाया गया है, कोई स्पष्ट आरोप नहीं, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल में लंबा समय लगेगा। लेकिन एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने विरोध करते हुए कहा कि हत्या और साजिश के आरोप बहुत गंभीर हैं। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सह-आरोपी की जमानत मिलने से लवप्रीत सिंह को कोई फायदा नहीं मिल सकता। चंडीगढ़ की ज्वैलरी शॉप में की लूट की कोशिश 9 दिसंबर 2020 को चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोलू ने सोहाना थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनका बड़ा भाई जसप्रीत सिंह लॉकडाउन के बाद बेरोजगार था। दोपहर करीब 11:45 बजे वह अपनी कार CH01-BR-6668 लेकर घर से निकला। शाम 5:15 बजे क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ के पुलिस वाले घर आए और बताया कि जसप्रीत सिंह ने सेक्टर 23-C के श्री गोल्ड टेस्टिंग लैब में डकैती की है। शाम 7:30 बजे परिवार को सूचना मिली कि जसप्रीत सिंह सेक्टर 86 के पास गांव नानू माजरा में कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक के सिर में लगी थी दो गोलियां मौके पर पहुंचने पर परिवार ने देखा कि जसप्रीत सिंह की लाश खून से सनी पड़ी है और सिर पर दो गोली के निशान हैं। शुरुआत में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई। बाद में गुरप्रीत सिंह ने बयान दिया कि हत्या परगत सिंह और लवप्रीत सिंह ने की है। इनकी मदद प्रीतिंदर सिंह उर्फ शेरू, बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला और बलजीत सिंह उर्फ बल्ली ने की। खुद की पहचान छिपाने के लिए की थी जसप्रीत की हत्या मामले में आरोपी रोहित ने पुलिस को बताया था कि किसी जानकार के जरिए बदमाशों से उसका संपर्क हुआ था। उन्होंने सोना बेचने की बात कही तो वह तीनों को लेकर उक्त दुकान पर पहुंचा था। वह खुद अंदर नहीं गया और इसी बीच आरोपियों ने फायरिंग कर दी। चंडीगढ़ से फरार होने के थोड़ी देर बाद दो आरोपियों ने मामले में खुलासा होने के डर से अपने ही दोस्त जसप्रीत को मोहाली में दो गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था। लुटेरों को डर था कि वह उनका भेद खोल सकता है। अपनी पहचान छुपाए रखने के मकसद से उन्होंने जसप्रीत को मार डाला था।
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