कांग्रेस शासन में भूपेश बघेल सरकार के दौरान खोले गए स्वामीआत्मानंद स्कूल निपनिया में विधायक इन्द्र साव ने आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। स्कूल में शौचालय और कक्षाओं में गंदगी पाई गई, अवैध शुल्क वसूली की जानकारी मिली और संस्था के प्राचार्य बिना सूचना स्कूल से अनुपस्थित मिले। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विधायक ने दूरभाष पर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराया और जांच व कार्रवाई की मांग की।
विधायक इन्द्र साव ने कहा कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में शिक्षा का स्तर तेजी से गिरा है। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार के समय बच्चों को निशुल्क उच्च स्तरीय शिक्षा देने के उद्देश्य से खोले गए इस विद्यालय में बिना किसी बैठक के और बिना रसीद दिए 1120, 1150 और 1190 रुपये की दर से प्रति छात्र विभिन्न निधियों—स्काउट गाइड, क्रियाकलाप निधि, निर्धन छात्र निधि, विज्ञान क्लब, क्रीड़ा निधि, रेड क्रॉस निधि, परीक्षा निधि, विज्ञान प्रायोगिक निधि, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति—के नाम पर वसूली की जा रही है।
इतनी बड़ी राशि बिना रसीद के लेना स्कूल प्रबंधन में मिलीभगत का संकेत है। इन्द्र साव ने बताया कि विद्यालय संचालन के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख 82 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाती है, जो पिछले दो वर्षों में लेप्स हो चुकी है। इस वर्ष भी यह राशि प्राप्त होने के बावजूद कोई कार्य नहीं किया गया। निरीक्षण में स्कूल परिसर में हफ्तेभर से साफ-सफाई न होने की बात सामने आई। प्राचार्य भी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। विधायक ने इन अनियमितताओं और बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से की है।
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