विधानसभा में रविवार को तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा (बिलासपुर) के विस्तार का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से रनवे विस्तार के लिए रक्षा मंत्रालय से 300 एकड़ जमीन हासिल करने के लिए 50 करोड़ रुपए की मांग की। वि
धर्मजीत सिंह ने कहा कि चार साल बाद भी बिलासपुर दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा से वंचित है। इसका मुख्य कारण रनवे का छोटा होना है, जिसकी लंबाई बढ़ाए बिना बोइंग सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने इंडिगो की एक दिन की उड़ान रद्द होने का जिक्र करते हुए कहा कि रनवे विस्तार से अन्य एयरलाइन कंपनियों को भी परमिट मिल सकेगा और हवाई सेवा बेहतर होगी।
क्षेत्रीय असंतुलन पर विधायक की चिंता
विधायक ने क्षेत्रीय असंतुलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि क्षेत्रीय विकास में असंतुलन रहा तो 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन होगा। उन्होंने बिलासपुर के समानांतर विकास पर जोर दिया। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यह अच्छी बात है कि प्रोजेक्ट रायपुर में खुलते हैं, लेकिन रायपुर के अलावा भी बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, दुर्ग, राजनांदगांव और धमतरी जैसे अन्य शहरों का भी ध्यान रखना चाहिए।
मंत्रियों से बिलासपुर-अंबिकापुर पर ध्यान देने की अपील
विधायक ने व्यंगात्मक शैली में मंत्रियों से कहा कि वे दूसरे क्षेत्रों के लिए नहीं तो कम से कम बिलासपुर और अंबिकापुर के लिए काम करें। उन्होंने मंत्रियों से इस मुद्दे पर लड़ने का आग्रह किया। संभवत उनका इशारा रामविचार नेताम की ओर था।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की पहल
बता दें कि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने हवाई सेवा संघर्ष समिति की मांग का समर्थन करते हुए पदाधिकारियों की मुलाकात केंद्रीय उड्डयन मंत्री से कराई थी। उन्होंने खुद रक्षा मंत्री और सीएम से मिल कर दोनों के बीच चर्चा करा चुके हैं। वहीं बिलासपुर के नागरिकों ने जंतर मंतर में दो दिन पहले धरना देकर हवाई सेवा के विस्तार की मांग दिल्ली तक पहुंचाई थी।
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