बैतूल जिले के विकासखंड बैतूल स्थित ग्राम बाजपुर के शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला में प्रशासनिक चूक के कारण बच्चों का भविष्य अधर में है। 26 दिसंबर से विद्यालय में मध्यान्ह भोजन पूरी तरह बंद है, जिससे ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी है।
विद्यालय प्रबंधन ने संकुल प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खंडारा को दिए आवेदन में बताया कि विद्यालय का डाइस कोड बंद होने के कारण मध्यान्ह भोजन योजना रोक दी गई है। जिला पंचायत की मध्यान्ह भोजन योजना प्रभारी किरण पवार ने मौखिक रूप से सूचित किया कि नवंबर 2025 से न तो खाद्यान्न राशि मिलेगी और न ही रसोइयों का मानदेय भुगतान होगा।
किरण पवार के अनुसार, सीएम राइज बैतूल बाजार में कुल 12 स्कूलों का विलय किया गया है, जिसमें बाजपुर स्कूल भी शामिल है। इसी कारण यह विद्यालय अब अलग से मध्यान्ह भोजन के लिए पात्र नहीं है, क्योंकि पोर्टल पर इसे ‘शून्य छात्रों’ वाले स्कूल के रूप में दर्शाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि मध्यान्ह भोजन का आवंटन स्टेट एजेंसी से स्टेट एमडीएम योजना के माध्यम से होता है।
बच्चों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं करा पाए शिक्षक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि स्कूल वास्तविक रूप से संचालित है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उसे ‘बंद स्कूल’ की श्रेणी में डाल दिया गया है। जांच में यह भी पता चला कि विद्यालय के शिक्षक बच्चों को पोर्टल पर मैप कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए, जिसके कारण डाइस कोड स्वतः निष्क्रिय हो गया।
स्कूल ने 18 बच्चों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) जारी कर दी थी, जबकि 34 बच्चे अभी भी वहीं अध्ययनरत हैं, जिन्हें सीएम राइज स्कूल भेजा जाना था। ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) ने भी अब तक इस त्रुटि पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

प्राचार्य को लिखा गया पत्र
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