धर्मशाला में तिब्बती धर्मगुरू दलाईलामा ने शुक्रवार को मैक्लोडगंज स्थित अपने निवास पर आयोजित दीक्षा समारोह का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने नवदीक्षित भिक्षुओं और भिक्षुणियों को आशीर्वाद स्वरूप बुद्ध की छोटी प्रतिमा भेंट की। समारोह में तिब्बती मूल के युवाओं के साथ कनाडा, नेपाल, रूस, मंगोलिया और वियतनाम सहित विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
दलाई लामा ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मन की शांति और करुणा का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने नवदीक्षित अनुयायियों को प्रेरित किया कि वे इन शिक्षाओं को जीवन में उतारें और प्रतिमा को करुणा व अहिंसा की याद के रूप में अपने साथ रखें। समारोह की शुरुआत में एक वरिष्ठ भिक्षु ने अंतरराष्ट्रीय नवदीक्षितों की ओर से दलाई लामा से दीक्षा का मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। धार्मिक विधियों के पूर्ण होने के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। समापन पर सभी नवदीक्षितों ने मानवता की सेवा और विश्व में शांति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
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