मकर संक्रांति से पहले निगम प्रशासन ने राजधानी के 4 पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण कर साढ़े चार किलो चायनीज मांझा जब्त किया है। पर्यावरण संरक्षण मंडल और निगम की टीम ने 4 दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें से 3 में यह मांझा मिला, जिन्हें जब्त करके सिर्फ सम
बता दें कि मकर संक्रांति पर्व के समय बड़ी संख्या में पतंगबाजी का आयोजन होता है। इसमें खपाने के लिए दुकानदारों ने यह मांझा दुकानों में रखा था। चायनीज मांझा से रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में कई घटनाएं घट चुकी हैं। देशभर के अलग-अलग क्षेत्रों में भी गंभीर घटनाओं के बाद इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था।
बावजूद इसके दुकानों में इसकी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। निगम की जोन-4 की टीम और पर्यावरण विभाग ने मिलकर 4 पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इसमें सिटी पतंग भंडार बूढ़ातालाब से 2 किलो, मोती पतंग भंडार बूढ़ातालाब से 1 किलो और संजय पतंग भंडार सदर बाजार से डेढ़ किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर जब्त की।
वहीं गोलबाजार के संगम काइट सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया। सभी पतंग दुकानदारों को भविष्य में ऐसा नहीं करने की समझाईश दी गई। इस दौरान उपअभियंता हिमांशु चंद्राकर, फायरमैन जीतेन्द्र यादव, अनिल मांडगे, सुनील क्षत्री मौजूद रहे।
एक्सपर्ट व्यू – विपिन अग्रवाल, एडवोकेट
5 साल सजा, 1 लाख जुर्माने का प्रावधान
उल्लंघन पर 5 साल की सजा और 1 लाख तक जुर्माना एनजीटी ने 2017 में चायनीज व नायलोन मांझा पर प्रतिबंध लगाया था। उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें 1 लाख रुपए तक का जुर्माना और 5 साल तक की सजा या फिर दोनों से दंडित होने का प्रावधान है।
अभी जब्ती की कार्रवाई, फाइन भी लगाएंगे औचक निरीक्षण कर प्रतिबंधित मांझे को जब्त किया है। आगे इन दुकानदारों पर फाइन और विधिक कार्रवाई के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम के साथ मिलकर चर्चा कर निर्णय लेंगे। – अरुण ध्रुव, कमिश्नर, जोन-4
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