मंडी में एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन की हड़ताल के तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। जहां कर्मचारियों ने चौहट्टा बाजार में सरकार का पुतला फूंका। इससे पहले शहर में एक प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली गई। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव राजेश शर्मा, यूनियन के प्रधान सुमित कुमार और महासचिव पंकज कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। भूपेंद्र सिंह और सुमित कुमार ने सरकार और मेड्सवान कंपनी पर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन न देने का आरोप लगाया।
कम वेतन मिलने की कही बात यूनियन नेताओं ने बताया कि वर्ष 2022 में पूर्व भाजपा सरकार ने मेड्सवान कंपनी के साथ पांच साल का समझौता किया था। इस समझौते में मजदूरों को दिए जा रहे मासिक वेतन में ओवर टाइम और हाउस रेंट भी शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनी को अदा किया जाने वाला पीएफ भी मजदूरों के वेतन से ही काटा जाता है। कर्मचारियों को वर्तमान में केवल 5700 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि सरकारी दरों के अनुसार उन्हें 13750 रुपये मिलने चाहिए। इसके अतिरिक्त, दोगुना ओवर टाइम भी देय होता है, जिसे कंपनी नहीं दे रही है।
आंदोलन की दी चेतावनी मीडिया को आंदोलन की अगली रणनीति की जानकारी देते हुए यूनियन नेताओं ने बताया कि रविवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा, गांधी चौक पर मुंह, आंख और कान पर काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार को शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंधक निदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। जल्द समाधान की मांग सुमित कुमार ने बताया कि 6 फरवरी को यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा को शिमला में ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र तथा तेज किया जाएगा।
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