छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव जनपद पंचायत में विधायक निधि से स्वीकृत मंगल भवन निर्माण में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि ₹24 लाख की राशि स्वीकृत होने के बावजूद स्थल पर भवन मौजूद नहीं है, बल्कि चंदे से बन रहे शिव मंदिर का अधूरा ढांचा मात्र दिखाई दिया। आरोप है कि इसमें लगभग ₹16 लाख कागज़ों पर खर्च दिखाकर राशि निकाल ली गई।
साइट निरीक्षण में पाया गया कि जमीन पर केवल 15 खंभों का स्ट्रक्चर है, जिसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से चंदा जुटाकर बनाया था। इसके बावजूद रिकॉर्ड में इसे मंगल भवन प्रगति पर बताया जाता रहा, जिससे गड़बड़ी छिपाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत के CEO, सरपंच, तकनीकी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों सहित छह जिम्मेदारों पर वसूली और विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी।
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इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हुआ कि निर्माण में इस्तेमाल एक बोरी सीमेंट की कीमत ₹1.92 लाख दिखाई गई। जिला पंचायत CEO ने इसे भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि ₹1.92 लाख 600 बोरी सीमेंट की कुल राशि है, जिसमें जीएसटी शामिल है। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि भवन स्वीकृत डिजाइन के अनुसार नहीं बना, जो गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने भी मामले पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण उन्होंने चंदे से किया, जबकि सरकारी फाइलों में इसे भवन निर्माण दिखाकर लाखों रुपए निकाल लिए गए। यह सीधा घोटाला है।
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