महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने दिवंगत गुरु और शिवसेना के वरिष्ठ नेता आनंद दिघे को उनकी 75वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। आनंद दिघे को लोग प्यार से धर्मवीर कहते थे। इस मौके पर शिंदे अपने गृह नगर दरे (सातारा जिला) से ठाणे पहुंचे और अपने राजनीतिक गुरु को पुष्पांजलि अर्पित की। एकनाथ शिंदे ने ‘शक्तिस्थल’ और ‘आनंद आश्रम’ जाकर दिघे की समाधि पर फूल चढ़ाए। उनके साथ कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। शिंदे ने कहा कि आनंद दिघे ने न सिर्फ उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया, बल्कि जनता की सेवा करना भी सिखाया। उनका जीवन आज भी सभी के लिए प्रेरणा है।
वहीं दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने भी दिघे की जयंती बड़े स्तर पर मनाई। ठाणे के टेम्भी नाका इलाके में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ‘दिघे साहेब अमर रहें’ के नारे लगाए गए। पार्टी नेताओं ने दिघे के विचारों और उनके सेवा भाव को याद किया। आनंद दिघे की याद में एक अनोखी पहल भी की गई। ठाणे शहर में 75 ऑटो-रिक्शा सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मुफ्त सेवा में लगाए गए। हर ऑटो उनके जीवन के एक-एक वर्ष का प्रतीक था। वर्ष 2001 में उनके निधन के बाद भी, आनंद दिघे आज तक ठाणे की राजनीति और समाज में एक मजबूत पहचान बनाए हुए हैं।
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