महाराष्ट्र सरकार में खेल मंत्री रहे मणिकराव कोकाटे ने आखिरकार मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने एक्स पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, 'महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और मेरे पार्टी सहयोगी माणिकराव कोकाटे ने माननीय न्यायालय के फैसले के बाद मुझे अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हमारी पार्टी के उस दीर्घकालिक सिद्धांत के अनुरूप कि कानून का शासन सर्वोपरि है और सभी व्यक्तियों से ऊपर है, मैंने सैद्धांतिक रूप से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। मैंने संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार उनका इस्तीफा माननीय मुख्यमंत्री को उचित विचार और स्वीकृति के लिए भेज दिया है।'
माननीय न्यायालयाच्या निकालानंतर महाराष्ट्राच्या मंत्रिमंडळातील सदस्य व पक्षातील आमचे सहकारी श्री. माणिकराव कोकाटे यांनी आपला राजीनामा माझ्याकडे सुपूर्द केला आहे. कायदे-नियम हे सर्वोच्च स्थानी असून ते कोणत्याही व्यक्तीपेक्षा सर्वोतोपरी आहेत, या आमच्या पक्षाच्या दीर्घकालीन… pic.twitter.com/vmba0u3ao4
— Ajit Pawar (@AjitPawarSpeaks) December 18, 2025
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‘हमें कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा’
डिप्टी सीएम अजित पवार ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- जनजीवन हमेशा संवैधानिक नैतिकता, संस्थागत अखंडता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान पर आधारित होना चाहिए, ये वे मूल्य हैं जिन्होंने हमारी पार्टी के सफर को निरंतर दिशा दी है। हमें कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। हम राज्य में कानून व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखा जाएगा और जनता के विश्वास को नहीं तोड़ा जाएगा; इस परिप्रेक्ष्य में, हम हमेशा सतर्क और सक्रिय रहेंगे।
राज्यपाल ने अजित पवार को सौंपा था प्रभार
इससे पहले बुधवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को खेल एवं युवा मामलों, अल्पसंख्यक मामलों और वक्फ मंत्रालय आवंटित किए हैं। ये दोनों मंत्रालय पहले माणिकराव कोकाटे के पास थे, जिसके बाद वे बिना पोर्टफोलियो के मंत्री हो गए थे। राज्यपाल ने बीते दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ से इस संबंध में भेजे गए पत्र को मंजूरी दी थी।
धोखाधड़ी के मामले में फंसे कोकाटे
नासिक सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के 20 फरवरी के आदेश को बरकरार रखते हुए मंगलवार को कहा था कि मणिकराव कोकाटे ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित फ्लैट आवंटित कराने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए और राज्य सरकार को धोखा दिया जबकि वे एक समृद्ध किसान हैं। वहीं इस मामले में बुधवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया गया था। जिससे उन पर मंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बना हुआ था। बता दें कि पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले ने 1997 में मणिकराव कोकाटे के खिलाफ याचिका दायर की थी।
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सजा के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका की दायर
वहीं माणिकराव कोकाटे ने अपनी सजा के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत इस पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी। उनके अधिवक्ता अनिकेत निकम ने न्यायमूर्ति आरएन लड्ढा की एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है। जिसके बाद पीठ ने याचिका को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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