कमर्शियल सिलिंडर की किल्लत से जिले की तमाम सामाजिक, धार्मिक व व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं। शादियों के सीजन में यह समस्या परिवार वालों के लिए विकट बन गई है और उनके पास इसका कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है।
सिलिंडर न मिलने से कैटरर्स व परिवारों को मजबूरन शादी व समारोह का मेन्यु छोटा करना पड़ रहा है। होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी काले बादल मंडराने लगे हैं। इसके अलावा औद्योगिक व व्यवसायिक गतिविधियां भी डगमगा गई है। बता दें कि इससे शहर के करीब 450 कैटर्स और 200 होटल कारोबारी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
कमर्शियल सिलिंडर न मिलने के कारण शादियों में खाना बनाने की किल्लत हो गई है। चूंकि शादियों में एक साथ कई व्यंजन व पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में गैस सिलिंडर की मांग सबसे ज्यादा होती है। इस कारण अब आयोजक परिवार को शादी का मेन्यु छोटा करना पड़ रहा है।
यदि कुछ दिन हालात ऐसे ही रहे तो जल्द ही शादियों सहित अन्य समारोहों से फास्ट फूड, स्नैकस सहित अन्य स्टाल पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। कैटर्स, होटल व रेस्तरां संचालकों ने अभी से लोगों को विभिन्न ऑर्डर के लिए मना करना शुरू कर दिया है। बता दें कि एक छोटे शादी समारोह में 200 लोगों का खाना बनाने में तकरीबन चार सिलिंडर की आवश्यकता होती है। कमर्शियल सिलिंडर बंद होने के कारण अब शादियों में सिलिंडर का उपयोग बंद हो जाएगा। चूंकि घरेलू सिलिंडर का व्यवसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता है।
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