भोपाल में एलपीजी वितरण और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। प्रशासन ने घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग निर्देश जारी करते हुए गैस की अनावश्यक बुकिंग से बचने और वितरण व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट में बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।
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घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्देश
प्रशासन ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं से गैस की बुकिंग तय अंतराल के अनुसार करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि दो रिफिल बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर रखना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए घबराकर बार-बार बुकिंग यानी पैनिक बुकिंग न करें। इससे वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
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कमर्शियल एलपीजी के लिए दिशा निर्देश
प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें बताया है कि फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। वहीं, जानकारी दी है कि बिना विस्फोटक लाइसेंस के कोई भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिकतम 100 किलोग्राम तक एलपीजी का भंडारण कर सकता है। इससे अधिक स्टोरेज के लिए मैनिफोल्ड सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
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होटल-रेस्टोरेंट संचालकों से बचत की अपील
प्रशासन ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से गैस की खपत कम करने के लिए कुछ उपाय अपनाने को कहा है। इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिक तंदूर का अधिक उपयोग करें। मेन्यू को सीमित रखें और गैस की अनावश्यक खपत से बचने की अपील की गई है।
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वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने की सलाह
साथ ही होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और विवाह समारोह आयोजकों से अपील की गई है कि वे गैस की खपत कम करने के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। इसमें डीजल स्टोव, सीमित मात्रा में लकड़ी, इलेक्ट्रिक इंडक्शन और अन्य उपकरण का उपयोग करने को कहा गया है।
कालाबाजारी पर सख्त निगरानी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यदि कोई वितरक अवैध तरीके से सिलेंडर बेचते पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनिमय (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वितरकों को भी दिए गए निर्देश
प्रशासन ने गैस वितरकों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अपने क्षेत्र में गैस स्टॉक और वितरण की रीयल-टाइम जानकारी जिला प्रशासन को देना अनिवार्य होगा।
हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
गैस से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए उपभोक्ता अपने अधिकृत वितरक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए एलपीजी हेल्पडेस्क कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 9685404087 पर भी संपर्क किया जा सकता है। साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
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