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Sugarcane juice business : गर्मियों में ठंडे पेय की बढ़ती मांग को देखते हुए युवा उद्यमी मुकेश साहू ने गन्ना जूस को कमाई का मजबूत जरिया बनाया है. वे पिछले 20 वर्षों से यह व्यवसाय कर रहे हैं. शुरुआत में 3 – 5 रुपये में बिकने वाला जूस आज 15 – 20 रुपये प्रति ग्लास है. पीक सीजन में रोजाना 500 – 600 ग्लास की बिक्री से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है.
80 हजार रुपये की पूंजी लगानी पड़ी
मुकेश साहू पिछले लगभग 20 वर्षों से गन्ना जूस के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. इस व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने अपने पिता से सीखी कला के जरिए की. शुरुआती दौर में गन्ना जूस की कीमत मात्र 3 से 5 रुपये प्रति ग्लास हुआ करती थी. उस समय सीमित साधनों और कम पूंजी में यह काम शुरू किया गया था. मुकेश बताते हैं कि गन्ना जूस का व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें लगभग 80 हजार रुपये की पूंजी लगानी पड़ी थी, जिसमें मशीन, ठेला और कच्चे माल की व्यवस्था की गई.
600 ग्लास तक गन्ना जूस आराम से बिक जाता
समय के साथ महंगाई और ग्राहकों की मांग को देखते हुए अब गन्ना जूस की कीमत 15 और 20 रुपये प्रति ग्लास रखी गई है. मुकेश केवल गन्ना जूस ही नहीं, बल्कि गर्मी को ध्यान में रखते हुए फलों का जूस और लस्सी जैसे अन्य ठंडे पेय भी अपने स्टॉल पर उपलब्ध कराते हैं. इससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर कई विकल्प मिल जाते हैं और उनकी बिक्री में भी लगातार वृद्धि होती है.
मुकेश बताते हैं कि गर्मी की शुरुआत में रोजाना लगभग 150 ग्लास गन्ना जूस की बिक्री हो जाती है. लेकिन जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है और लू का असर तेज होता है, वैसे-वैसे मांग में भी तेजी आती है. पीक सीजन में उनके यहां रोजाना 500 से 600 ग्लास तक गन्ना जूस आराम से बिक जाता है. खास बात यह है कि अधिकतर ग्राहक ठंडा गन्ना जूस ही पसंद करते हैं, जिसके लिए वे बर्फ और स्वच्छ पानी का विशेष ध्यान रखते हैं.
अगर आमदनी की बात करें तो प्रतिदिन 500 से 600 ग्लास की बिक्री से मुकेश को अच्छी खासी कमाई हो जाती है. इसमें कच्चे माल और अन्य खर्च निकालने के बाद भी उन्हें गर्मी के मौसम में नियमित और स्थिर लाभ मिलता है. यही वजह है कि वे इस व्यवसाय को अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का जरिया मानते हैं.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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