गाजियाबाद। मोरटा स्थित संचार रेजिडेंसी के सी ब्लॉक टावर में लिफ्ट 12वीं मंजिल से भूतल फ्लोर पर आ गिरी। बुधवार सुबह छह बजे हुए हादसे के वक्त अमित कुमार लिफ्ट में सवार थे। हादसे में वह घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद बी ब्लॉक में भी लिफ्ट फंस गई। इसमें लिफ्ट में फंसी 12 वर्षीय छात्रा समेत अन्य लोगों को गार्ड ने बाहर निकाला। इससे आक्रोशित लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट से शिकायत की है। प्रशासन की तरफ से जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। यह टीम इस हादसे की जांच कर रिपोर्ट देगी।
संचार आर्केड सहकारी आवास समिति की मोरटा में विकसित की गई संचार रेजिडेंसी सोसायटी में बुधवार को सी-ब्लॉक के 12वें फ्लोर पर रहने वाले अमित ऑफिस जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि वह लिफ्ट पर सवार ही हुए थे, तभी लिफ्ट सीधा ग्राउंड फ्लोर पर आकर गिर गई। इसके बाद वह अपने आप नौंवी मंजिल पर पहुंच गई। इस हादसे में अमित के सिर और पैर में चोट आई। तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके दो घंटे के बाद करीब आठ बजे सोसायटी के बी ब्लॉक की लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पहुंचने से तीन फीट पहले ही बीच में फंस गई। लिफ्ट में कक्षा छह में पढ़ने वालीं गहना और दो अन्य सवार थे। सूचना के बाद गार्ड ने अन्य सोसायटी के लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। लोगों का आरोप है कि लिफ्ट में आने वाली दिक्कतों से यहां रहने वाले परेशान हैं।
-ये हैं सोसायटी के हालात-
सिटी मजिस्ट्रेट ने डिप्टी रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसायटीज, एसीपी कविनगर, एडी विद्युत सुरक्षा के साथ टीम गठित कर सोसायटी में हुई अनियमितताओं के 27 बिंदुओं पर एक सप्ताह के अंतराल में जांच कर रिपोर्ट मांगी है। सोसायटी के लोगों ने शिकायत में बताया कि संचार रेजिडेंसी में 12 तल तीन टावर और 198 फ्लैट्स हैं। प्रबंधन समिति का कोई भी सदस्य इस सोसायटी में नहीं रहता। प्रबंधन समिति रिमोट कंट्रोल से दिल्ली, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और मेरठ से सोसायटी चला रहे हैं। प्रबंधन सोसायटी की समस्याओं को दूर करने में विफल है। बहुमंजिला बिल्डिंग में रख-रखाव, जन सुविधाओं का आभाव व लिफ्ट आदि की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
-इन बिंदुओं पर होगी जांच
सोसायटी के लोगों के लोगों ने बताया कि सहकारी समिति ने 3.50 करोड़ रुपये की लागत से प्लॉट खरीदकर प्रबंधन समिति के सदस्यों को बगैर सूचना के बेचा गया है। जीडीए ने वर्ष 2019 में जीडीए ने एनओसी जारी की थी लेकिन अब 198 में से 140 फ्लैट ही पंजीकृत हुए हैं, फ्लैट्स किराये पर दिए गए हैं।155 फ्लैट्स के बिजली बिल बनाए जा रहे हैं। शेष 43 फ्लैट्स की पीवीवीएनएल देनदारियां भी 155 फ्लैट्स मालिकों को थोप रहे हैं। यहां पार्किंग और सहकारी परिसर में कोई सामुदायिक केंद्र नहीं है। लिफ्ट यहां अक्सर इसी प्रकार लोगों की जान खतरे में डालती है।
-बयान-
इस हादसे की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। एसीपी कविनगर, डिप्टी रजिस्ट्रार और एडी विद्युत सुरक्षा इसकी जांच कर रही है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संतोष उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट
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लिफ्ट नीचे नहीं ऊपर जाते हुए फंसी है, लोगों ने घटना को गलत दर्शाया है। लिफ्ट का एएमसी का कॉन्ट्रैक्ट एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के लिए हाईटेक एलीवेटर्स कंपनी को दे रखा है। लिफ्ट में फंसकर एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। -एए खान, संचार रेजिडेंसी अध्यक्ष
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