पश्चाताप और हृदय-परिवर्तन चालीसा काल का मुख्य संदेश है। प्रत्येक मनुष्य ईश्वर की पवित्रता में सृजित किया गया है, परंतु कमजोरी के कारण वह पाप और गलतियां कर बैठता है। जब हम ईश्वर और अपने भाई-बहनों के विरुद्ध अपराध करते हैं, तब हमें सच्चे मन से पश्चाताप करने की आवश्यकता होती है। चालीसा काल हमें अपने जीवन को जांचने, आत्म-परीक्षण करने और परमेश्वर की ओर लौटने का अवसर देता है। चालीसा काल हमें चुनौती देता है- क्या हम अपने कठोर हृदय को कोमल बनने देंगे? क्या हम क्षमा मांगने और क्षमा देने का साहस करेंगे? सच्चा पश्चाताप केवल शब्दों में नहीं, बल्कि बदले हुए जीवन में दिखाई देता है। यही हृदय-परिवर्तन हमें ईश्वर की दया और शांति का अनुभव कराता है। फादर प्रफुल बड़ा, संत अल्बर्टस कॉलेज, रांची
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