शादी के लिए लंबे समय से परेशान एक किसान परिवार के साथ लूटेरी दुल्हन द्वारा लूट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि साढ़े चार लाख रुपये लेकर एक युवक का विवाह कराया गया था लेकिन पग फेरे की रस्म के बाद दुल्हन मायके से वापस नहीं लौटी। मामले की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम राजोद निवासी दिनेश पिता गोपाल (उम्र 32 वर्ष) की शादी नहीं हो पा रही थी। परिवार ने गांव के ही बिचौलिये उमेश पिता हीरालाल मारु निवासी बरमंडल से संपर्क किया। आरोपी उमेश ने कुछ लड़कियों के फोटो दिखाए और जनवरी माह में खरगोन निवासी अनिता से बातचीत करवाई। परिवार की सहमति के बाद खरगोन में शपथ पत्र पर लिखित सहमति कराई गई और विश्वास में लेकर पीड़ित से साढ़े चार लाख रुपये लिए गए।
इसके बाद 16 जनवरी को आरोपी पक्ष और पीड़ित परिवार उज्जैन पहुंचे, जहां चिंतामण गणेश मंदिर में दिनेश और अनिता निवासी उमरखाली, खरगोन का विवाह संपन्न कराया गया। शादी के बाद अनिता आठ दिन तक राजोद में पति के घर रही।
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आरोप है कि आठ दिन बाद अनिता की मां भूरीबाई और रवि बरोर राजोद पहुंचे। उन्होंने पग फेरे की रस्म का हवाला देकर अनिता को अपने साथ ले लिया। इसके बाद अनिता वापस नहीं लौटी और आरोपियों का भी कोई सुराग नहीं मिला।
काफी तलाश के बाद जब धोखाधड़ी का संदेह हुआ तो पीड़ित ने राजोद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अनिता पिता पांड्या, भूरीबाई पति पांड्या निवासी उमरखाली गोगांव (खरगोन), रवि बरोर निवासी डालकी नवाड़ (खरगोन) और उमेश पिता हीरालाल मारू निवासी बरमंडल (सरदारपुर) के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
थाना प्रभारी रामसिंह राठौर ने बताया कि पीड़ित परिवार ने शपथ पत्र और शादी के फोटो प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं के आधार पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है।
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