लखीसराय जिले में जिला विधिज्ञ संघ के 2026 के चुनाव परिणाम को लेकर विवाद तेज़ हो गया है। अधिवक्ता रजनीश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में फेरबदल, फर्जी मतदाताओं को शामिल करने और मतदान-मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परिणाम के खिलाफ विधिक अपील दायर करने की तैयारी की जा रही है।
जिला विधिज्ञ संघ, लखीसराय का चुनाव 12 मार्च 2026 को संपन्न हुआ था। यह चुनाव माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेश और बिहार राज्य बार काउंसिल के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। हालांकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कई अधिवक्ताओं ने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
अधिवक्ता रजनीश कुमार ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए घोषित परिणाम अकल्पनीय और संदेहास्पद प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इससे संघ के नियमित अधिवक्ताओं के बीच निराशा और असंतोष का माहौल बना है।
मतदाता सूची में कथित फेरबदल का आरोप
रजनीश कुमार का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में कई अनियमितताएं हुईं। उनका कहना है कि नामांकन पंजी की सत्यता जांचे बिना ही मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई और बाद में उसमें मनमाने बदलाव किए गए। उन्होंने बताया कि निरंजन कुमार, रंजीत पासवान, विमलेश कुमार विमल, विमल यादव और उमेश मंडल सहित कई नियमित अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इसके अलावा करीब सौ फर्जी मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ दिए गए। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से करीब 12 घंटे पहले भी कई नए नाम मतदाता सूची में जोड़े गए, लेकिन इसकी जानकारी अधिकांश प्रत्याशियों को नहीं दी गई।
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मतदान और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल
रजनीश कुमार ने बताया कि बिहार राज्य बार काउंसिल के निर्देशों के बावजूद मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। मतगणना के दौरान कई मतपत्रों पर क्रम संख्या नहीं थी और किसी भी मतपत्र पर चुनाव पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इसके अलावा बिना पहचान पत्र के कुछ निष्क्रिय और अनियमित सदस्यों से मतदान कराए जाने का भी आरोप लगाया गया। अधिवक्ता का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
चुनाव परिणाम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
रजनीश कुमार ने कहा कि संघ के अधिकांश नियमित अधिवक्ताओं ने एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया, लेकिन अनियमित मतदाताओं के सहारे दूसरे उम्मीदवार को अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण से जिला विधिज्ञ संघ की गरिमा और संस्थागत विश्वसनीयता को ठेस पहुंची है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव परिणाम के खिलाफ विधिक अपील दायर करने की तैयारी की जा रही है। आवश्यक होने पर माननीय उच्च न्यायालय, पटना की शरण भी ली जाएगी। इस विवाद ने लखीसराय जिले के अधिवक्ता समाज में हलचल मचा दी है और सभी की नजरें अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिक गई हैं।
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