चंद्रग्रहण होने के कारण होली खेलने के बाद टोलियां मंदिर नहीं जा पाएंगी. 3 मार्च को शाम 3 बजे से 7 बजे तक मंदिर को बंद कर दिया जाएगी. ऐसे में आज छोटी होली पर ही सुल्तानपुर, सरवरी, अखाड़ा और ढालपुर की टोलियां मंदिर पहुंच जाएंगी. लोकल 18 से बात करते हुए कुल्लू के रहने वाले अरुण शर्मा बताते हैं कि सुल्तानपुर में नरसिंह देवता के मंदिर से होली की शुरुआत होती है. भगवान रघुनाथ के दरबार में होली गाकर इसका समापन किया जाता है.
कुल्लू के रहने वाले अरुण शर्मा ने बताया कि होली का दिन रघुनाथ की नगरी में बेहद खास रहता है. यहां लोग होली के गीतों का गायन भी करते है. कुल्लू की होली इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यहां सभी समुदाय के लोग मिल-जुलकर इस त्यौहार को मनाते हैं. सुल्तानपुर में नरसिंह देवता के मंदिर से होली की शुरुआत होती है. बाजे के साथ मंदिर से होली की शुरुआत की जाती है. अंत में भगवान रघुनाथ के दरबार में होली गाकर इसका समापन किया जाता है. कुल्लू के अलग-अलग क्षेत्रों लोग टोलियां बना कर होली के लिए निकलते हैं.
छोड़ दिया था एग्जाम
कुल्लू के रहने वाले अभिनंदन ने बताया कि यहां होली की परंपरा बेहद पुरानी है. भगवान रघुनाथ के सुल्तानपुर आने के बाद से ही होली खेली जाती रही है. सुल्तानपुर और अखाड़ा के लोगों में होली को लेकर खासा उत्साह रहता है. अभिनंदन बताते हैं कि एक बात जब वह आठवीं कक्षा में थे, तब उनका एग्जाम होली के दिन पड़ गया. होली खेलने के चक्कर में अपना पेपर आधा ही छोड़ दिया ताकि समय पर जाकर होली खेल सकें.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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