Greenfield Airport Foundation Stone Laying LIVE: राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठने जा रहा है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे. इस मौके पर क्षेत्र की दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं नोनेरा वृहद पेयजल परियोजना और परवन अकावद पेयजल परियोजना का भी भूमि पूजन किया जाएगा. इन परियोजनाओं के शुरू होने से कोटा-बूंदी सहित आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. राज्य सरकार की ओर से पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, कोटा के प्रभारी मंत्री गौतम कुमार दक और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी कार्यक्रम में भाग लेंगे. बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है.
1507 करोड़ की लागत से बनगा कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
करीब 1507 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है. लंबे समय से कोटा और बूंदी के लोग एयरपोर्ट की मांग कर रहे थे, क्योंकि कोटा देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र होने के बावजूद यहां हवाई सुविधा उपलब्ध नहीं थी. इस एयरपोर्ट के बनने से कोटा में पढ़ने आने वाले लाखों विद्यार्थियों, उद्योगों और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने के बाद विकास को मिलेगी रफ्तार
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोपहर करीब 12 बजे शंभूपुरा स्थित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. यहां आयोजित समारोह में एयरपोर्ट परियोजना का औपचारिक शिलान्यास किया जाएगा. साथ ही पेयजल से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का भूमि पूजन भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के कई गांवों और शहरों में पानी की समस्या के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने के बाद क्षेत्र में निवेश, उद्योग, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों का मानना है कि एयरपोर्ट परियोजना से कोटा-बूंदी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी. सरकार का भी मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से हाड़ौती क्षेत्र के विकास को बड़ा आधार मिलेगा.