सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड अंतर्गत महुआ-मझारी स्थित प्राचीन कोशिकीनाथ मंदिर प्रांगण में पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार को कोसी कल्प महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल रहा और जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
251 कन्याओं की कलश शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
महायज्ञ की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद 251 कन्याओं द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याएं सिर पर कलश, माथे पर टीका और हाथों में ध्वज लिए जब मंदिर प्रांगण से निकलीं, तो दृश्य अत्यंत मनोहारी हो गया। श्रद्धालु इस पावन क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
कोसी नदी तट पर विधिवत कलश भराव
कलश शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से निकलकर महुआ-मझारी गांव होते हुए करीब चार किलोमीटर की दूरी तय कर कोसी नदी तट तक पहुंची। यहां विद्वान आचार्यों और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ विधिवत कलश भराव किया गया। कलश भराव के दौरान कोसी माता के जयकारों से नदी तट गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कन्याओं का स्वागत किया और पूरे मार्ग में भक्ति का वातावरण बना रहा।
यज्ञ मंडप में हवन और प्रवचन का शुभारंभ
कलश यात्रा के लौटने के बाद मंदिर परिसर में निर्मित यज्ञ मंडप के समक्ष हवन कार्यक्रम शुरू किया गया। आचार्यों द्वारा वैदिक विधि से अग्नि प्रज्वलन कर आहुतियां दी गईं। इसके साथ ही धार्मिक प्रवचनों का सिलसिला भी प्रारंभ हुआ, जिसमें संत-महात्माओं ने धर्म, संस्कृति और मानव जीवन में यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु प्रवचन सुनने पहुंचे।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कलश शोभायात्रा और मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। यात्रा के दौरान एनएच-27 पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक लेन से नियंत्रित गति में वाहनों का परिचालन कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था की कमान निर्मली एसडीपीओ राजू रंजन कुमार के हाथों में रही। उनके साथ सर्किल इंस्पेक्टर राणा रणविजय सिंह, थानाध्यक्ष सियावर मंडल समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मी पूरे मार्ग पर पैदल गश्त करते नजर आए, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
आस्था और परंपरा से जुड़ा है कोसी कल्प महायज्ञ
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कोसी कल्प महायज्ञ इस क्षेत्र की आस्था और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह महायज्ञ पिछले कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और इसमें दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति के अनुसार, महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, भंडारा और ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है।
मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण
महायज्ञ के साथ-साथ आयोजित मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। समिति ने बताया कि दंगल प्रतियोगिता के साथ-साथ कलाकार माही मनीषा, गोलू कुमार सहित अन्य कलाकारों के स्टेज शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए आसपास के जिलों से भी लोगों के आने की संभावना है।
कई दिनों तक चलेगा महायज्ञ
आयोजन समिति के अनुसार कोसी कल्प महायज्ञ कई दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति पूरी तरह मुस्तैद है। पौष पूर्णिमा पर शुरू हुआ यह महायज्ञ पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार कर रहा है।

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