कोरबा के दीपका स्थित राधे विद्यापीठ इंग्लिश मीडियम स्कूल झाबर के कक्षा 6 से 9 तक के छात्रों ने हर्बल गुलाल तैयार किया है। यह गुलाल स्कूल संचालक राधेश्याम मनहर के मार्गदर्शन में बनाया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को व्यावसायिक ज्ञान देना और केमिकल युक्त रंगों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है। यह सुगंधित गुलाल चुकंदर, गाजर, पालक और हल्दी जैसी वनस्पतियों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके बनाया गया है। इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जिससे यह त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित और हानिकारक प्रभावों से मुक्त है। स्कूल का लक्ष्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल भी प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में स्वरोजगार के लिए प्रेरित हो सकें। इस पहल के तहत, सभी छात्रों ने पानी बचाने और सूखी होली खेलने का संकल्प भी लिया। रासायनिक रंगों से स्वास्थ्य को नुकसान की चेतावनी स्कूल संचालक राधेश्याम मनहर ने बताया कि वर्तमान में उपयोग किए जा रहे रासायनिक रंगों से स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, छात्रों को हर्बल रंग बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें रासायनिक रंगों से दूर रहने की सलाह दी गई। छात्रों को हर्बल गुलाल निर्माण का प्रशिक्षण इस परियोजना में कक्षा छठवीं से नौवीं तक के सभी छात्र शामिल थे। उनके परिजनों को भी बच्चों के माध्यम से रासायनिक रंगों के बजाय हर्बल गुलाल का उपयोग करने का संदेश देने को कहा गया। स्कूल ने विभिन्न रंगों के हर्बल गुलाल बड़ी मात्रा में बनाए हैं, जिन्हें छात्रों और उनके परिवारों को वितरित किया जाएगा। छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस तरह के प्रयोग से उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। सभी बच्चों ने रासायनिक रंगों से दूर रहने और हर्बल गुलाल का उपयोग करने की शपथ ली।
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