Roza Rules Explained: रमजान का पवित्र महीना चल रहा है और इस महीने में रोजा रखना बहुत ही नेक माना जाता है. इस बारे में कोडरमा के मुफ्ती नसीम कासमी ने फास्ट के नियमों के बारे में बताया और कहा कि भूलवश खाने से रोजा नहीं टूटता. इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जानते हैं.
गलती से कुछ खा लें तो…
उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में रोजे से जुड़े कई मुद्दों को लेकर लोगों के मन में सवाल रहते हैं. मुफ्ती नसीम कासमी ने बताया कि अगर कोई रोजेदार भूलवश कुछ खा या पी लेता है, तो उसका रोजा नहीं टूटता. उन्होंने कहा कि जैसे ही याद आए कि रोजा है, तुरंत खाना-पीना बंद कर दे और रोजा पूरा करे. ऐसी स्थिति में रोजा सही माना जाएगा और उस पर कोई कजा या कफ्फारा नहीं है.
महिलाएं ना रहें भ्रम में
मुफ्ती साहब ने बताया कि जब महिलाएं माहवारी की स्थिति में हों, तो उस दौरान उनका रोजा रखना उचित नहीं होता. ऐसे दिनों में वे रोजा नहीं रखेंगी और बाद में रमजान के बाद उन छूटे हुए रोजों की कजा रखेंगी. उन्होंने कहा कि यह शरीयत की आसानी और रहमत है, इसलिए महिलाओं को किसी प्रकार की झिझक या भ्रम में नहीं रहना चाहिए.
केवल भूखे-प्यासे रहने से नहीं होती इबादत
उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति नापाक होने की जानकारी के बावजूद जानबूझकर गुस्ल में देरी करता है और नमाज कजा कर देता है, तो यह गलत है. रोजा हो सकता है, लेकिन नमाज की पाबंदी हर हाल में जरूरी है. उन्होंने कहा कि रमजान केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि सही जानकारी और सावधानी के साथ इबादत करने का महीना है. रोजेदारों को चाहिए कि वे दीन से जुड़े मसलों को समझें और किसी भी शंका की स्थिति में जानकार लोगों से मार्गदर्शन लें, ताकि उनका रोजा सही और पूरा हो सके.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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