संस्था को यह सम्मान तीन कारणों से दिया गया है. पहला सोशल इंपैक्ट श्रेणी में रागी उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मिला. दूसरा कॉमन फैसिलिटी सेंटर को बढ़ावा देने और तीसरा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया.
इन कारणों से कंपनी को मिला सम्मान
संस्था को यह सम्मान तीन कारणों से दिया गया है. पहला सोशल इंपैक्ट श्रेणी में रागी उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मिला. दूसरा कॉमन फैसिलिटी सेंटर को बढ़ावा देने और तीसरा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया. यह उपलब्धि कोडरमा जिले के लिए गर्व का विषय है. बता दें कि, महिलाओं द्वारा संचालित इस कंपनी ने स्थानीय किसानों को संगठित कर उन्हें खेती, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने का सफल प्रयास किया है.संस्था के कार्यों से जिले के कई छोटे और सीमांत किसानों, विशेष रूप से महिला किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. साथ ही उन्हें स्थायी आजीविका के नए अवसर भी प्राप्त हुए हैं.
रागी की खेती को मिला नया प्रोत्साहन
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी लगातार रागी की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है. रागी एक पोषक अनाज है, जिसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है. किसानों को इसकी खेती के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ संस्था द्वारा रागी के प्रसंस्करण और उससे बने विभिन्न उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का भी काम किया जा रहा है. इसके लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की गई है. जहां रागी की सफाई, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध है. इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं.
महिला किसानों को मिली नई पहचान
कोडरमा सदर वूमेन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड मुख्य रूप से महिला किसानों द्वारा संचालित संस्था है. संस्था के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामूहिक खेती, उत्पादन और विपणन की प्रक्रिया से जोड़ा गया है. इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. संस्था के प्रयासों से कई महिला किसानों को पहली बार अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सका है. इसके साथ ही उन्हें खेती के आधुनिक तरीकों और बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है.
जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस का मिला सहयोग
इस पहल को आगे बढ़ाने में जिला प्रशासन कोडरमा और जेएसएलपीएस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. प्रशासन के मार्गदर्शन और सहयोग से संस्था ने किसानों को संगठित कर उन्हें बाजार से जोड़ने का सफल मॉडल तैयार किया है. इस पुरस्कार को संस्था के प्रतिनिधि सिद्धार्थ कुमार ने प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान कोडरमा जिले के सभी किसानों, विशेषकर महिला किसानों की मेहनत का परिणाम है. संस्था भविष्य में भी किसानों की आय बढ़ाने, रागी की खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी.
जिले का नाम हुआ राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित
इस उपलब्धि से न केवल संस्था बल्कि पूरे कोडरमा जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है. स्थानीय स्तर पर रागी की खेती और उससे जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देकर संस्था ने यह साबित किया है कि सामूहिक प्रयास और सही दिशा में काम करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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