यह डिवाइस मस्तिष्क की तरंगों और आंखों की गतिविधि जैसे बायो-पोटेंशियल सिग्नल्स को पढ़कर बिना बोले और बिना किसी शारीरिक स्पर्श के व्हीलचेयर, रोबोटिक आर्म या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नियंत्रित करने में सक्षम बनाती है.
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय मुख्यालय में आयोजित ‘स्वदेशी उद्यमी और इनोवेटर्स महोत्सव-2026’ में उनके अभिनव प्रोजेक्ट ‘काया न्यूरोसिंक’ को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह प्रतियोगिता इग्नू के नेशनल सेंटर फॉर इनोवेशन इन डिस्टेंस एजुकेशन और स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड इनफॉर्मेशन साइंस द्वारा आयोजित की गई थी. देशभर से चुने गए शीर्ष 16 राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में कुणाल के इनोवेशन को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया. यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है.
कुणाल ने बताया कि उनका प्रोजेक्ट ‘काया-न्यूरोसिंक’ एक ओपन-सोर्स हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर आधारित एडवांस्ड ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस समाधान है. यह तकनीक उन लोगों के लिए नई उम्मीद है जो पूर्ण रूप से लकवाग्रस्त हैं या गंभीर दिव्यांगता से जूझ रहे हैं. यह डिवाइस मस्तिष्क की तरंगों और आंखों की गतिविधि जैसे बायो-पोटेंशियल सिग्नल्स को पढ़कर बिना बोले और बिना किसी शारीरिक स्पर्श के व्हीलचेयर, रोबोटिक आर्म या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नियंत्रित करने में सक्षम बनाती है.
वहीं, जहां विदेशी मेडिकल उपकरणों की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है, वहीं उनका यह नवाचार कम लागत में अत्याधुनिक समाधान देने का दावा करता है. इस प्रोजेक्ट की नींव नीति आयोग की कम्युनिटी इनोवेटर फेलोशिप के दौरान आईएसएम धनबाद के मार्गदर्शन में रखी गई थी. कुणाल की प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है. वे पहले भी स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार जीत चुके हैं.
इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के संयोजन के बल पर उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय सहायता के साथ इनोवेशन लीडरशिप प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा किया. साथ ही पुर्तगाल के लिस्बन स्थित विश्वप्रसिद्ध चम्पालिमॉड सेंटर फॉर द अननोन में कजाल एडवांस्ड न्यूरोसाइंस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए उनका चयन हुआ, जहां उन्हें 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की गई. यह उनकी शोध क्षमता और अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.