किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में मिट्टी खुदाई के दौरान मिली भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा को शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन ने अपने अधीन कर लिया। प्रतिमा को अपने साथ ले जाने के दौरान ग्रामीण भावुक हो गए, और प्रशासन को उन्हें मनाने में लगभग तीन घंटे लगे। इस कार्रवाई के लिए जिला कला संस्कृति पदाधिकारी प्रह्लाद कुमार, बीडीओ बहादुरगंज अरुण सरदार, थानाध्यक्ष संदीप कुमार और प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी मृणाल सेन पुलिस बल के साथ रामचर भैरादह स्थित सरंडा गांव पहुंचे थे। जैसे ही प्रशासनिक टीम प्रतिमा को ले जाने लगी, बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु एकजुट होकर इसका विरोध करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि यह प्रतिमा उनकी आस्था से जुड़ चुकी है और वे गांव में ही एक सार्वजनिक मंदिर बनाकर इसे स्थापित करना चाहते हैं। समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने दिया प्रतिमा काफी समझाने-बुझाने के बाद अंततः ग्रामीण प्रशासन को प्रतिमा सौंपने के लिए तैयार हुए। इस दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब कई महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू थे। मूर्ति गांव से बाहर ले जाए जाने के दौरान कई श्रद्धालु रो पड़े। यह प्राचीन प्रतिमा बीते 9 मार्च को नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 सरंडा गांव में मिट्टी खुदाई के दौरान रामचर भैरादह निवासी राम कुमार उर्फ शेखर को मिली थी। यह काले रंग की कसौटी जैसी धातु से बनी है। गांव में ही स्थापित करने की मांग प्रतिमा मिलने के बाद से राम कुमार अपने आंगन में इसे स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से गांव में भक्ति का माहौल बना हुआ था, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे और पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन भी किया जा रहा था। इस बीच, प्रतिमा को गांव में ही स्थापित करने की अनुमति के लिए दर्जनों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से भी गुहार लगा चुके थे।
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