उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किशनगंज जिले में उत्पादित ड्रैगन फ्रूट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ठाकुरगंज में इस विदेशी फल की सफल खेती बिहार में पहली बार हो रही है, जो किसानों के लिए गर्व का विषय है। स्थानीय किसानों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के किसी अन्य जिले में ड्रैगन फ्रूट या अनानास की खेती नहीं होती। उन्होंने किसानों के नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और बिहार को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। इंजीनियरिंग छोड़ ड्रैगन खेती कर रहे लोग
उप मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान किशनगंज पहुंचने पर आई। इस यात्रा के तहत उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अन्य नेता विभिन्न जिलों में जनसंपर्क कर रहे हैं, विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और किसानों व जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। ठाकुरगंज में ड्रैगन फ्रूट की खेती पिछले कुछ वर्षों से की जा रही है। कई लोगों ने इंजीनियरिंग जैसी नौकरियां छोड़कर बड़े पैमाने पर इसकी शुरुआत की है। किशनगंज की जलवायु और मिट्टी इस फल की खेती के लिए अनुकूल साबित हुई है। स्थानीय स्तर पर यह फल सस्ता और आसानी से उपलब्ध है, और इसे सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो मधुमेह, हृदय रोग और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं। विदेशी फलों के उत्पादन का एक नया केंद्र
किशनगंज जिला पहले से ही चाय, अनानास और तेजपत्ता जैसी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। अब ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती ने इसे विदेशी फलों के उत्पादन का एक नया केंद्र बना दिया है। उप मुख्यमंत्री की प्रशंसा से किसानों में उत्साह बढ़ा है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही इस खेती के लिए सब्सिडी, पैक हाउस और विपणन सुविधाएं प्रदान करेगी। समृद्धि यात्रा के दौरान किशनगंज में विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की गई, जिनसे क्षेत्र के किसानों और युवाओं को लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे ऐसी नवीन खेती को अपनाकर बिहार को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
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