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Palamu Sagwan Farming : पलामू के किसान तारकेश्वर सिंह चेरो ने सागवान की खेती से 22 करोड़ की संपत्ति बनाई है. किसान ने बताया कि 1 बीघा में 10 करोड़ तक की आय संभव है. सरकार भी इमारती पौधों को बढ़ावा दे रही है. इसकी खेती से किसान करोड़पति बन सकते हैं.
इमारती पौधे की खेती आज किसानों के लिए बेहतर मुनाफे वाला सौदा बनती जा रही है. पारंपरिक खेती के मुकाबले यह लंबी अवधि का निवेश है, जो समय के साथ बड़ी पूंजी में बदल सकता है. यदि किसी किसान के पास मात्र 1 बीघा जमीन भी है तो सही योजना और प्रबंधन के साथ वह अच्छी कमाई कर सकता है. यह खेती धैर्य मांगती है, लेकिन भविष्य में बड़ा आर्थिक सहारा बन सकती है.

पलामू जिले के किसान तारकेश्वर सिंह चेरो ने इमारती पौधों की खेती से मिसाल पेश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यदि किसान 1 बीघा में सागवान लगाएं तो 20 वर्षों में करीब 10 करोड़ रुपए तक की आय संभव है. उनके अनुसार यह किसी लंबे समय के फिक्स डिपॉजिट से कम नहीं, बल्कि उससे अधिक लाभकारी साबित हो सकता है.

किसान तारकेश्वर सिंह के मुताबिक 1 बीघा जमीन में लगभग 500 से अधिक सागवान के पौधे लगाए जा सकते हैं. यदि 20 साल बाद प्रति पेड़ औसतन 2 लाख रुपए भी मिलें तो कुल आय 10 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है. यह पूरी तरह दीर्घकालीन निवेश का मॉडल है, जिसमें शुरुआती वर्षों में देखभाल जरूरी होती है, लेकिन बाद में यह बड़ी पूंजी में बदल जाता है.
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उन्होंने 15 साल पहले अपने 5 एकड़ खेत में सागवान (टीक) के करीब 1500 पौधे लगाए थे. उनका दावा है कि आज इन पेड़ों की अनुमानित कीमत करीब 22 करोड़ रुपए आंकी जा रही है. उन्होंने अभी इन्हें बेचा नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि 30 साल पूरे होने पर इनकी कीमत और अधिक बढ़ सकती है.

किसान ने आगे कहा कि सागवान की लकड़ी की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. वर्तमान में इसकी कीमत 3000 से 5000 रुपए प्रति स्क्वायर फीट तक बताई जाती है. एक पेड़ से औसतन 20 फीट तक उपयोगी लकड़ी प्राप्त हो सकती है. अनुमान है कि एक परिपक्व पेड़ से 8 से 10 लाख रुपए तक की आय संभव है, जिससे यह खेती अत्यंत लाभकारी बन जाती है.

साथ ही आगे कहा कि यदि कोई किसान केवल 100 सागवान के पेड़ भी लगाता है और प्रत्येक से औसतन 10 लाख रुपए की आय होती है तो वह करीब 1 करोड़ रुपए की संपत्ति बना सकता है. यही कारण है कि बड़े स्तर पर की गई सागवान की खेती करोड़ों की संपत्ति में बदल सकती है. यह खेती धैर्य और सही देखभाल का परिणाम देती है.

किसान तारकेश्वर सिंह ने बताया कि अपने खेत के सागवान से ही घर के लिए फर्नीचर तैयार कराया है. इस फर्नीचर की लागत 10 लाख रुपए से अधिक रही, जबकि बाजार मूल्य लगभग 15 लाख रुपए आंका गया. यानी किसान न केवल बिक्री से, बल्कि व्यक्तिगत उपयोग में भी बड़ी बचत कर सकता है.

साथ ही कहा कि सरकार भी बागवानी और इमारती पौधों की खेती को बढ़ावा दे रही है. पारंपरिक फसलों के साथ यदि किसान सागवान जैसे इमारती पौधे लगाएं तो दीर्घकाल में आर्थिक मजबूती हासिल कर सकते हैं. किसान तारकेश्वर सिंह की सफलता बताती है कि लगन, धैर्य और सही योजना से किसान भी करोड़पति बन सकता है.
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